इंदौर का ऐतिहासिक राजवाड़ा, शहर की पहचान (फाइल फोटो) फोटो साभार Wikimedia Commons / Bernard Gagnon, CC BY-SA 3.0
मध्यप्रदेश सरकार ने इंदौर में हुए अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में शहरों के विकास का 2047 तक का खाका रखा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इंदौर, उज्जैन और भोपाल क्षेत्र में करीब 20 लाख रोजगार और 12 से 15 नई टाउनशिप का लक्ष्य है।
कॉन्क्लेव बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने आयोजित किया। इसकी थीम Building Urban Momentum Towards GIS 2027 रखी गई थी, यानी अगले साल होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी। मंच से 3 ड्राफ्ट नीतियां जनता के सुझाव के लिए जारी की गईं, 3 बैंकों के साथ ₹2,013.81 करोड़ के वित्तीय अनुबंध हुए और कुल 6 MoU का आदान प्रदान हुआ।
कॉन्क्लेव की 4 बड़ी बातें…
- रोजगार, 2047 तक इंदौर, उज्जैन और भोपाल क्षेत्र में करीब 20 लाख नौकरियों का लक्ष्य।
- टाउनशिप, 12 से 15 नई टाउनशिप और 25,000 से 30,000 एकड़ में नियोजित शहरी विकास।
- ड्राफ्ट नीतियां, किफायती आवास, उपचारित पानी के दोबारा उपयोग और भूमि विकास व भवन नियमों के 3 ड्राफ्ट सुझाव के लिए खुले।
- पैसा, उज्जैन, इंदौर और रीवा की परियोजनाओं के लिए ₹2,013.81 करोड़ के 3 वित्तीय अनुबंध।
इंदौर फ्यूचर सिटी 5,000 एकड़ में
कॉन्क्लेव में बताया गया कि इंदौर, उज्जैन और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन शहरों के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रस्तावित इंदौर फ्यूचर सिटी करीब 5,000 एकड़ में आवास, उद्योग और रोजगार आधारित विकास के लिए होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक कॉरिडोर के साथ कई तरह की टाउनशिप की योजना है। इन टाउनशिप में नवकरणीय ऊर्जा, उपचारित पानी और बेहतर परिवहन जैसी सुविधाएं देने की बात कही गई। ग्राफिक से समझिए कॉन्क्लेव के बड़े लक्ष्य…
3 ड्राफ्ट नीतियों पर मांगे सुझाव
मुख्यमंत्री ने तीन ड्राफ्ट जारी किए, जिन पर अब आम लोगों और विशेषज्ञों से राय ली जाएगी।
- मध्यप्रदेश अर्बन अफोर्डेबल हाउसिंग एंड हैबिटेट पॉलिसी 2026, शहरों में किफायती और किराये के मकान, इन सीटू यानी उसी जगह पुनर्विकास, सरकारी जमीन का उपयोग और निजी निवेश।
- ट्रीटेड वेस्टवॉटर रीसाइक्लिंग एंड रीयूज पॉलिसी 2026, 2037 तक उपचारित पानी का 50% दोबारा उपयोग का लक्ष्य।
- मध्यप्रदेश यूनिफाइड लैंड डेवलपमेंट एंड बिल्डिंग प्रमोशन रूल्स 2026, आसान मंजूरी, मिश्रित भूमि उपयोग, ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट, TDR और ग्रीन बिल्डिंग।
सुझाव देने की प्रक्रिया और आखिरी तारीख के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग की वेबसाइट mpurban.gov.in पर नजर रखें।
100 मंजिल तक की इमारतों का रास्ता
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क की चौड़ाई और तय शर्तें पूरी होने पर शहरों में 100 मंजिल तक की इमारतें या बहुमंजिला परिसर बनाए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि पहले आमतौर पर 30 मीटर से ऊंची इमारतों की अनुमति नहीं दी जाती थी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक ज्यादा FAR यानी फ्लोर एरिया रेशियो मिलने से खेती की जमीन बचाने में मदद मिलेगी।
3 शहरों के लिए ₹2,013.81 करोड़ के अनुबंध
कॉन्क्लेव में तीन नगरीय संस्थाओं ने बैंकों के साथ वित्तीय अनुबंध किए। इनसे पानी, सीवरेज और मंदिर क्षेत्र के विकास की परियोजनाओं को पैसा मिलेगा।
| संस्था | बैंक | राशि | काम |
|---|---|---|---|
| उज्जैन विकास प्राधिकरण | इंडियन ओवरसीज बैंक | ₹643.39 करोड़ | मंदिर सर्किट विकास |
| इंदौर नगर निगम | बैंक ऑफ इंडिया | ₹1,320.42 करोड़ | जल प्रदाय और सीवरेज |
| रीवा नगर निगम | HDFC बैंक | ₹50 करोड़ | जल प्रदाय |
| कुल | ₹2,013.81 करोड़ |
इन तीन अनुबंधों के अलावा 3 और MoU हुए। महाराष्ट्र सरकार की संस्था MITRA के साथ शहरी विकास में ज्ञान साझा करने और क्षमता निर्माण पर, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (वेस्टर्न इंडिया) के साथ खाद्य कचरा प्रसंस्करण, पानी के दोबारा उपयोग और वर्षा जल संरक्षण पर, और उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के साथ उद्योगों को उपचारित पानी देने पर समझौता हुआ।
NITI आयोग की IER रिपोर्ट भी जारी
मंच से NITI आयोग की इंदौर इकोनॉमिक रीजन 2047 रिपोर्ट भी जारी हुई, जिसमें इंदौर समेत मालवा निमाड़ के 8 जिलों की आर्थिक योजना है। इसके अलावा भोपाल और इंदौर नगर निगम की बिजनेस रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट (BRSR) जारी की गईं।
दोपहर बाद निवेशकों से वन टू वन चर्चा
कॉन्क्लेव के कार्यक्रम के मुताबिक मुख्य सत्र के बाद मुख्यमंत्री ने निवेशकों से वन टू वन बैठकें कीं। इसके बाद टियर 2 शहरों में री डेंसिफिकेशन, शहरी शासन में सुधार, जल सुरक्षा और शहरी निवेश पर 4 पैनल चर्चाएं रखी गईं।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर अलग राउंड टेबल रखी गई, जिसमें उज्जैन में भीड़ प्रबंधन, पानी, स्वच्छता और बुनियादी ढांचे पर बात हुई।
आगे क्या होगा
तीनों ड्राफ्ट पर सुझाव मिलने के बाद सरकार इन्हें अंतिम रूप देगी। विभाग ने इस कॉन्क्लेव को 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की राह का अहम पड़ाव बताया है। शहरी परियोजनाओं में निवेश की अगली बड़ी चर्चा उसी समिट में होगी।
ग्राफिक- StateNews
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 कब और कहां हुआ?
यह 28 अक्टूबर 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने आयोजित किया।
कॉन्क्लेव में कौन सी ड्राफ्ट नीतियां जारी हुईं?
अर्बन अफोर्डेबल हाउसिंग एंड हैबिटेट पॉलिसी 2026, ट्रीटेड वेस्टवॉटर रीसाइक्लिंग एंड रीयूज पॉलिसी 2026 और यूनिफाइड लैंड डेवलपमेंट एंड बिल्डिंग प्रमोशन रूल्स 2026।
उपचारित पानी के दोबारा उपयोग का लक्ष्य क्या है?
ड्राफ्ट नीति में 2037 तक उपचारित पानी का 50% दोबारा उपयोग करने का लक्ष्य रखा गया है।
इंदौर नगर निगम को कितनी राशि का अनुबंध मिला?
इंदौर नगर निगम और बैंक ऑफ इंडिया के बीच जल प्रदाय और सीवरेज के लिए ₹1,320.42 करोड़ का अनुबंध हुआ।
स्रोत मध्यप्रदेश अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0, कॉन्क्लेव ब्रोशर
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