भोपाल/इंदौर: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से 10 लोगों की मौत हो चुकी है। 200 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं। इस गंभीर स्थिति के बीच, मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया के सवाल पर आपा खो दिया, जिससे विवाद खड़ा हो गया।

मंत्री विजयवर्गीय ने पत्रकार के सवाल को ‘फोकट’ बताते हुए संवाददाता के साथ बहस की और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। हालांकि बाद में उन्होंने अपने शब्दों के लिए खेद व्यक्त किया।

घटना का विवरण:

  • भागीरथपुरा, विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र ‘इंदौर-1’ में आता है।
  • दूषित जल के कारण डायरिया फैलने से 10 मौतें हो चुकी हैं।
  • 212 लोग अस्पतालों में इलाजरत हैं, जिनमें से 50 को स्वस्थ होने पर छुट्टी दी जा चुकी है।

विवादित बयान और माफी:

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद विजयवर्गीय ने खेद जताया। उन्होंने कहा, “मैं और मेरी टीम प्रभावित क्षेत्र में स्थिति सुधारने में जुटे हैं। इस गहरे दु:ख की अवस्था में मेरे शब्द गलत निकल गए। मैं खेद प्रकट करता हूं।”

राजनीतिक प्रतिक्रिया:

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विजयवर्गीय से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, “जहरीला पानी पीने से मौतों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन भाजपा नेताओं का रवैया जस का तस है। मंत्री जी पत्रकार के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।”

यह घटना इंदौर की स्वच्छता की छवि पर सवाल खड़े करती है और प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है।