टीकमगढ़ शहर में एक नाबालिग छात्र के साथ कथित रूप से हुई अमानवीय घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। डरे-सहमे छात्र को साथ लेकर उसके परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। परिजनों का कहना है कि उनके बेटे के साथ जो कुछ हुआ, उसने पूरे परिवार को मानसिक रूप से तोड़ दिया है।
शिकायत के अनुसार, पॉलिटेक्निक में अध्ययनरत नाबालिग छात्र को परिचित व्यक्ति द्वारा किसी बहाने से बुलाया गया। आरोप है कि उसे एक घर में ले जाकर बंधक बना लिया गया। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई और उसे डराने-धमकाने के लिए कट्टा दिखाया गया। परिजनों का आरोप है कि छात्र के कपड़े उतरवाए गए और उसकी आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। इतना ही नहीं, वीडियो को वायरल करने और किसी को घटना बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई।
बताया जा रहा है कि घटना के बाद छात्र काफी समय तक भय और तनाव में रहा। जब उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी तो उसने पूरी आपबीती अपने परिवार को बताई। बेटे की बात सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद वे तत्काल उसे लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई।
परिजनों ने दिलीप रजक नामक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य बच्चे के साथ ऐसी घटना न हो।
मामला टीकमगढ़ कोतवाली थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। नाबालिग से जुड़ा संवेदनशील मामला होने के कारण पीड़ित छात्र की पहचान गोपनीय रखी गई है।
इस संबंध में टीकमगढ़ कोतवाली प्रभारी रवि भूषण पाठक ने बताया कि पीड़ित पक्ष द्वारा पुलिस अधीक्षक को आवेदन दिया गया है। मामले की जांच टीकमगढ़ एसडीओपी राहुल को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि पीड़ित पक्ष कोतवाली भी आया था, लेकिन उस समय कथित वीडियो उपलब्ध नहीं कराए गए थे। अब पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद प्रकरण दर्ज किया जा सकता है।
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