भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष के यहांआर्थिक सहायता के लिए पहुंची कांग्रेश विधायिका
राजनीतिक विरोधाभास के बात भी अपनत्व भाव बना चर्चा का विषय,,,
राजेश जैन,,
बीते दिनों भाजपा उदयगढ़ ब्लॉक के पूर्व मंडल अध्यक्ष राजू सिंह कनेश कैंसर जैसी बीमारी से बीते कई माह से ग्रसित होना एवं परिवार में भी लगातार विपति आने के कारण आर्थिक रूप मे पूर्ण रूप से टूट चुके परिवार को पटेल दंपति एवं जोबट विधानसभा कि विधायिका सेना महेश पटेल को जैसे ही शोसल मीडिया के माध्यम से उक्त युवक कि स्थिति बता चली तो तुरंत ही 50,000 कि आर्थिक सहायता कि कई ओर यह भी आश्वस्त किया गया कि भविष्य में सरकार के माध्यम से पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष के इलाज में कमी नहीं आने दी जाएगी यह वर्तमान राजनीति का सुखद पहलू है।।
मौका परस्त के कारण उपेक्षित हो रहे पुराने कार्यकर्ता
आजादी के बाद मध्य प्रदेश के राजनीति में सिर्फ दो ही दल प्रतिद्वंती रहे है कांग्रेस एवं भाजपा और बीते कुछ वर्षों में अलीराजपुर झाबुआ जिले जो कांग्रेस का गढ़ कहलाता था वहां पर भाजपा ने आज के दौर में अपने कार्यकर्ताओं की फौज फलिया से लेकर नगरी क्षेत्र में खड़ी कर दी इसका पूरा श्रेय भाजपा के पूर्व कार्यकर्ता अलीराजपुर से ओछाब सोमानी किशोर शाह अशोक ओझा नागर सिंग चौहान, वही जोबट से ज्ञानचंद जी जैन अमृत राठौड़, हीरालाल शर्मा,जुवान सिंग डावर, केरम सिंह गडरिया, कलमसिंग कलेश, श्री राम राठौड़,महेश राठौड़,उदयगढ़ के नरसिंग, जुवान सिंग मौर्य, एवं राजू भाई कनेश , जोगडिया भाई,जैसे कार्यकर्ता के कंधों पर ही भाजपा कि जिम्मेदारी थी पर समय के साथ साथ भाजपा को विशाल पार्टी बनाना संगठन कि मजबूरी थी इसलिए कांग्रेस से असंतुष्ट नेताओं को अपनी पार्टी में लाकर पार्टी को मजबूत किया,,
कार्यकर्ता कि उपेक्षा ओर फूट डालो और राज करो कि नीती कही भविष्य में नुकसान का न हो कारण।।
इस दौर के कई कांग्रेस के नेता भाजपा में आ गए जो कांग्रेसी मानसिकता के थे ओर सबसे पहले फूट डालो और राज करो कि नीती अपनाई जिसमें पार्टी में ही दो दल होते गए नया आया हुआ नेता नए कार्यकर्ता को लाया नए ओर पुराने के बीज में संघर्ष होने लगा वही दो नंबरी व्यापारी कही ना कही प्रमुख पद पर बैठते गए ओर भाजपा के झंडा उठाने एवं जेल जाने वाले पार्टी से दुर होते रहे ओर जिले से भाजपा के संगठनों को स्थापित करने वाले को योजनाबद्ध रूप मे खत्म कर दिया ।।
वर्तमान दौर में पुराने कार्यकर्ता कि इस तरह कि उपेक्षा कार्यकर्ता सर्वोपरी कहने वाली पार्टी को जिले में अपनी कार्यप्रणाली में परिवर्तन करना पड़ेगा क्योंकि आने वाला भविष्य नगरीय चुनाव से लेकर विधानसभा चुनाव भी आने वाले है ओरिजिनल भी ध्यान रखना पड़ेगा कि वर्तमान विधायिका सेना महेश पटेल भाजपा के पूर्व विधायक माधुसिंह डावर,(निर्दलीय) पूर्व राज्यमंत्री के पुत्र विशाल रावत (भाजपा) दोनों को हराकर विजय श्री हासिल करी थी वर्तमान में जमीनी सच्चाई यह भी है कि वर्तमान में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष भाजपा के गर्मीण एवं स्थानीय कार्यकर्ता पटेल दंपति से जुड़ रहे हैं जो बस में भाजपा के लिए नुकसानदायक हो सकता है भाजपा संगठन को चाहिए कि अपने समर्पित कार्यकर्ताओ का ध्यान रखे ताकी भाजपा कि मजबूत स्थिति हो सके।
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