*गेहूं पंजीयन में सर्वर समस्या से किसान परेशान, घंटों इंतजार के बाद भी नहीं हो पा रहे रजिस्ट्रेशन।*
गेहूं पंजीयन सर्वर धीमा,10 मार्च की तारीख अंतिम ,
घंटो इंतजार के बावजूद नहीं हो पा रहे रजिस्ट्रेशन। अंतिम तारीख नजदीक फसल कटाई अधूरी, आए दिन किसान लगा रहे तपती धूप में पंजीयन को लेकर चक्कर ,एक और सरकार का दावा किसानों को कराती हैं हर सुविधा उपलब्ध। पंजीयन में सर्वर बना रोंढा ,पंजीयन ही नही होंगा तो आखिर कैसे बेचेगा किसान समर्थन मूल्य के दाम पर अपनी फसल -पंजीयन की तारीख बढ़ाई जाए आगे
वंचित किसान फसल का उठा सके लाभ।
बड़वानी:- बहुउद्देश्यीय आदिम जाति सेवा संस्था मार्यदित बड़वानी अंतर्गत आने वाले 14 से अधिक गांवों के किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन कराने में इस समय उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में किसान जैसे ही बड़वानी की बहुउद्देशीय सहकारी संस्था में पंजीयन के लिए पहुंचते हैं, उन्हें सर्वर की समस्या के कारण घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
*तकनीकी समस्या के कारण काम हुआ धीमा* ।
किसानों का कहना है कि पिछले दो दिनों से पंजीयन की प्रक्रिया प्रभावित है। किसान कालूराम सहित अन्य आसपास के किसान पिछले दो दिनों से पंजीयन के लिए परेशान हो रहे हैं, लेकिन उनका रजिस्ट्रेशन अब तक नहीं हो पाया है। इसी तरह तुकाराम धनगर, श्रीराम यादव और चन्दु बाई डोडवे
सहित कई किसान पंजीयन केंद्र पर लगातार इंतजार करते नजर आ रहे हैं।
*सरकार का दावा किसान को मिल रही भरपूर सुविधा,लेकिन जमीनी पटल पर काम अधूरा।*
किसानों का कहना है कि एक ओर सरकार किसानों को हर सुविधा उपलब्ध कराने का दावा करती है, लेकिन यहां सर्वर की समस्या के कारण पंजीयन समय पर नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब पंजीयन ही नहीं होगा तो किसान अपनी फसल को समर्थन मूल्य पर कैसे बेच पाएंगे।
*किसानो की चिंता और प्रशासन से मांग*
किसानों ने मांग की है कि पंजीयन की अंतिम तारीख बढ़ाई जाए ,ताकि सभी किसानों को रजिस्ट्रेशन कराने का पर्याप्त समय मिल सके। साथ ही सर्वर की समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाना चाहिए।
बताया जा रहा है कि इस समय गेहूं की कटाई शुरू हो चुकी है। सरकार हर वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की घोषणा करती है, जिसके तहत किसानों को सोसाइटी में पंजीयन
कराना अनिवार्य होता है। पंजीयन के बाद ही किसान अपनी उपज को समर्थन मूल्य पर बेच सकते हैं, जिससे उन्हें उचित दाम मिल सके। लेकिन सर्वर नहीं चलने के कारण किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
*सर्वर धीमा या बंद होने के कारण काम हो रहा प्रभावित* ।
बहुउद्देश्यीय आदिम जाति सेवा संस्था मार्यदित बड़वानी
में ऑनलाइन पंजीयन का कार्य कर रहे कम्प्यूटर ऑपरेटर अमन धनगर ने बताया कि अब तक केवल 200 किसानों के पंजीयन हो पाए हैं, जबकि कई किसान केंद्र पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सर्वर ठीक से चलने पर कई किसानों का पंजीयन तुरंत किया जा सकता है, लेकिन सर्वर धीमा या बंद होने के कारण काम प्रभावित हो रहा है।
वही अमन धनगर ने यह बताया कि जैसे ही सर्वर शुरू होता है, पंजीयन की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाती है। यदि सर्वर की समस्या जल्द हल हो जाए तो किसानों को राहत मिल सकती है।
बता दे की मिली जानकारी के अनुसार बड़वानी क्षेत्र के कई गांवों के किसान गेहूं पंजीयन में तकनीकी समस्याओं से जूझ रहे हैं। पंजीयन का सर्वर लगातार धीमा चल रहा है, जिससे पूरे दिन में केवल 8 से 10 हि किसान पंजीयन करवा पा रहे हैं। हॉलाकि वहीं
गेहूं पंजीयन की पूर्व में 7 तारीख अंतिम होने से किसान शतप्रतिशत पंजीयन नही करवा पाए ऐसे में शत प्रतिशत पंजीयन नहीं होने के कारण पंजीयन की 10 तारीख अंतिम होने के बावजूद भी किसानों की फसल के पंजीयन में सर्वर रोंढा बना हुँआ है ।
वही पंजीयन को लेकर बड़वानी सहित कई इलाकों में तकनीकी खराबी के चलते किसान, विशेषकर सोसायटी केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे उन्हें कई तरह की समस्याओं से झूझना पड़ रहा है जिससे भीषण गर्मी के तापमान सहित खेतो की फसल कटाई की किसानों के माथे की चिंता की लकीर बन गई है ।

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