रिपोर्टर नफीस खान इछावर
लाडली बहनों का नाम काटे जाने के विवादास्पद बयान पर किरकिरी के बाद राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने इस पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व पर बहनों को सम्मानपूर्वक सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना बहनों के सम्मान से जुड़ी है और इसे कोई भी समाप्त नहीं कर सकता। मैंने पहले भी और बाद में भी बहनों के सम्मान में उन्हें प्रणाम करते हुए अपनी बात रखी थी। अगर मेरे किसी बयान से ठेस पहुंची हो तो मैं खेद प्रकट करता हूं। मंत्री वर्मा ने आज जारी बयान में कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से मुझे जानकारी मिली है कि मेरे विधानसभा क्षेत्र के ग्राम धामंदा में आयोजित मेरे कार्यक्रम में मेरे द्वारा कहे गए शब्दों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत में मैंने उपस्थित सभी बहनों एवं नागरिकों को सम्मानपूर्वक प्रणाम किया था।
वर्मा ने कहा कि अपने संबोधन में मैंने स्व-सहायता समूहों और महिला सशक्तिकरण से जुड़े सभी कार्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ लेने का आग्रह किया था। मेरा कहना था कि इन योजनाओं का उद्देश्य बहनों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें निरंतर सहयोग देना है। मैंने यह भी कहा था कि मध्यप्रदेश में बहनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता आगे भी मिलती रहेगी।
वायरल वीडियो में यह वक्तव्य दे रहे मंत्री वर्मा
राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा का जो बयान वायरल हो रहा है। वह सीहोर जिले के नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम का बताया जा रहा है। इसमें वे कहरहे हैं कि ग्राम धामंदा में 894 लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की राशि दी जा रही है, इसके बावजूद सरकारी कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति बेहद कम रहती है।
मंत्री ने मंच से कहा कि वे सीईओ से बात कर एक दिन सभी लाड़ली बहनों को बुलाएंगे। यदि उस दिन भी वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं, तो उनकी रिपोर्ट भिजवाकर योजना से नाम कटवाने की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कांग्रेस शासनकाल में महिलाओं को इस तरह की कोई आर्थिक सहायता मिलती थी या नहीं।
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