आलोट। राजधानी दिल्ली स्थित श्री रामकृष्ण मिशन पहाड़गंज में 18 मई को भारतीय संत महा परिषद (बीएसएमपी) के बैनर तले एक दिवसीय भव्य कॉन्फ्रेंस एवं संत महासमागम का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देश-विदेश से लगभग 400 संतों, आचार्यों, मनीषियों, शिक्षाविदों एवं सनातन विचारकों ने सहभागिता कर विश्व शांति, आध्यात्मिक शिक्षा और सनातन संस्कृति के संरक्षण पर मंथन किया।

कार्यक्रम का संचालन कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित कैलाश आश्रम से पधारे परमपूज्य श्री जयेंद्र पुरी जी महाराज के मार्गदर्शन में हुआ। सम्मेलन में लगभग 90 वक्ताओं को अपने विचार रखने के लिए तीन-तीन मिनट का समय दिया गया, जिसमें सभी वक्ताओं ने सारगर्भित एवं प्रेरणादायी उद्बोधन प्रस्तुत किए।
सम्मेलन में परमपूजनीय शंकराचार्य जगद्गुरु श्री श्री सच्चिदानंद सरस्वती श्री शारदा पीठम कर्नाटक, पूज्य गोविंदगिरी जी महाराज, जैन संत लोकेशानंद जी महाराज, प्रख्यात अर्थशास्त्री गुरुमूर्ति जी सहित देश-विदेश के अनेक संतों एवं विद्वानों की गरिमामयी उपस्थिति रही। श्रीलंका, मलेशिया, नेपाल, जापान और वियतनाम सहित विभिन्न देशों से संतवृंद कार्यक्रम में शामिल हुए।

मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले से श्री महावीर विद्यालय आलोट के प्राचार्य मनोज शर्मा भी सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य का विषय रहा। मंच से नाम पुकारे जाने पर भावुक होते हुए उन्होंने मध्यप्रदेश की ओर से अपनी शब्द पुष्पांजलि अर्पित की तथा सभी संतों एवं आचार्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।