बुधनी: तहसील बुधनी के ग्राम ग्वाडिया में नर्मदा तट पर स्थित प्राचीन ग्वाडिया धाम में संत मदन गिरी महाराज जी की 31वीं स्मृति एवं संत श्याम गिरी महाराज जी की 25वीं स्मृति के अवसर पर आयोजित भव्य संगीतमय श्रीकथा श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुई।

कथा समापन के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सुबह से ही मंदिर परिसर एवं नर्मदा तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और दूर-दराज़ से आए गुरु भक्तों एवं ग्रामवासियों ने कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

कथावाचक रामगोपाल शर्मा द्वारा प्रस्तुत संगीतमय कथा ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। ग्वाडिया धाम को संतों की तपोभूमि के रूप में जाना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण अपनी गायों के साथ इस स्थल पर पधारे थे, जिनके गो-चरण चिन्ह आज भी यहाँ के पत्थरों पर विद्यमान बताए जाते हैं।

मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण के साथ हनुमान जी ने भी यहाँ नर्मदा स्नान किया था, जिससे इस स्थल की धार्मिक महिमा और बढ़ जाती है।

  • सेवाधारी एवं ग्रामवासी प्रकाश दायमा ने कहा, "यह धाम धार्मिक, ऐतिहासिक और पौराणिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा यदि पर्यटन विभाग इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करे तो श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।"
  • उन्होंने बताया कि हर वर्ष महाशिवरात्रि पर यहाँ विशाल मेला लगता है, जिसमें दूर-दूर से लोग आते हैं।
  • हरीश मालवीय ने कहा, "संत मदन गिरी महाराज एवं संत श्याम गिरी महाराज द्वारा स्थापित भक्ति, सेवा और साधना की परंपरा के चलते प्रतिवर्ष ऐसे धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न होते हैं, जिससे समाज में धर्म और संस्कार मजबूत होते हैं।"

ग्रामवासियों ने शासन से इस पावन स्थल के विकास की मांग की है, जिससे ग्वाडिया धाम नर्मदा तट पर एक प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो सके।