श्री स्वामीनारायण मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा व श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन
पिपलिया
श्री स्वामीनारायण मंदिर में नवनिर्मित मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा और श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास के साथ द्वितीय दिवस में प्रवेश हुआ। इस भक्तिमय अनुष्ठान का सोपान प्रसिद्ध कथावाचक श्री सत्यप्रकाश शास्त्री जी द्वारा किया गया।
कथा के मुख्य अंश और चरित्र वर्णन
कथा के दौरान सत्यप्रकाश शास्त्री जी ने श्रीमद् भागवत के विभिन्न चरित्रों का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भागवत केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि साक्षात कृष्ण का स्वरूप है। वराह अवतार प्रसंगों को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। शास्त्री जी ने जीवन में भक्ति और सदाचार के महत्व पर जोर देते हुए 'भागवत' के मर्म को समझाया।
दिग्गज संतों की गरिमामयी उपस्थिति
इस महोत्सव में गुजरात प्रांत के प्रख्यात साधु-संतों का सानिध्य प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
नौतम स्वामी जी: (प्रमुख अध्यक्ष, साधु-संत समाज, गुजरात)
सतगुरु स्वामी गोविंद दास जी
हरिचरण स्वामी जी
सूर्य प्रकाश शास्त्री जी (संचालक): जो पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन कर सभी को विभोर कर देते हैं।
भक्तों का जनसैलाब
प्राण प्रतिष्ठा के इस पावन अवसर पर आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में महिला एवं पुरुष हरिभक्तों ने शिरकत की। मंदिर परिसर पंडाल जय स्वामीनारायण,जय स्वामी नारायण, के जयघोष से गुंजायमान रहा। कथा के पश्चात सभी भक्तों के लिए महाप्रसाद भंडारा के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। क्षेत्र के सभी हरिभक्तों में इस आध्यात्मिक आयोजन को लेकर भारी उत्साह देखा गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतिदिन रात्रि 8:00 बजे के तहत कल रात को" सनी अलबेला" महाकाल सरकार उज्जैन के भजनों पर सभी श्रोता भक्तगण महाकाल और राधे रानी सरकार के भजनों पर झूमे और नाचे और आज रात्रि कालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में रात्रि 8:00 बजे अमित भाई जादूगर धूलिया उपस्थित रहेंगे

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