ग्राम पिपलिया में भक्ति की बयार वामन अवतार झांकी और वामन अवतार प्रसंग ने मोहा भक्तों का मन
​पिपलिया:
ग्राम पिपलिया में आयोजित भव्य मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। महोत्सव के अंतर्गत चल रही श्रीमद्भागवत कथा में आज सुप्रसिद्ध कथावाचक सत्य प्रकाश शास्त्री ने अपनी अमृतमयी वाणी से धर्म और भक्ति की ऐसी गंगा बहाई कि पाण्डाल में मौजूद हजारों भक्त मंत्रमुग्ध हो गए।
​कथा की मुख्य विशेषताएँ:
​वामन अवतार की जीवंत झांकी: आज की कथा का मुख्य आकर्षण भगवान वामन अवतार का प्रसंग रहा। विशेष रूप से सजाई गई झांकी ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। भगवान वामन के रूप में सजे बालक और राजा बलि के बीच के संवादों को देख भक्त भाव-विभोर हो उठे।
​ अवतारों का दर्शन: महोत्सव में प्रदर्शित की गई अवतारों की झांकी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसे देखने के लिए न केवल पिपलिया बल्कि आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं।
​संतों का सानिध्य: इस पावन अवसर पर गुजरात के प्रसिद्ध वड़ताल धाम से पधारे संतों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। संतों ने अपने आशीर्वचन देते हुए धर्म के मार्ग पर चलने और भक्ति की शक्ति पर प्रकाश डाला।
​भक्तिमय माहौल
​कथा के दौरान शास्त्री जी ने बताया कि भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि समर्पण और सत्य का मार्ग है। जैसे ही वामन अवतार की झांकी मंच पर आई, पूरा पाण्डाल "जय श्री कृष्ण" और "वामन भगवान की जय" के जयघोष से गूँज उठा। कथा में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ दूर-दराज से आए अतिथियों ने भी धर्म लाभ लिया।
मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तीसरे दिन आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। दोपहर में कथा के आनंद के बाद शाम को सामुदायिक सेवा और रात्रि में भव्य नगर भ्रमण के आयोजनों ने उत्सव की रौनक बढ़ा दी है।
​भक्ति महिला मंडल द्वारा विशाल भंडारा
​कथा की पूर्णाहुति के पश्चात शाम को ग्राम की भक्ति महिला मंडल द्वारा भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। महिला मंडल के विशेष सहयोग से आयोजित इस प्रसादी में सकल समाज ने एक साथ बैठकर भोजन ग्रहण किया। आयोजन की व्यवस्था इतनी सुचारू थी कि हजारों श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ "मन भर" प्रसादी पायी।
​आज रात्रि 8:00 बजे: निकलेगा भगवान का भव्य 'बाना'
​उत्सव की कड़ी में आज रात्रि 8:00 बजे से भगवान का 'बाना' (नगर भ्रमण) निकाला जाएगा। यह जुलूस गांव की विभिन्न गलियों से होकर गुजरेगा, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं:
​मुख्य आकर्षण: डीजे, ढोल-ताशे और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज।
​सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: बाने में विभिन्न सांस्कृतिक संसाधनों और मंडलियों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
​नगर भ्रमण: भगवान का रथ गांव के प्रमुख मार्गों से होता हुआ निकलेगा, जहां ग्रामीण पुष्प वर्षा कर स्वागत करेंगे।
​शास्त्री जी ने सुनाया वामन अवतार का प्रसंग
​इससे पूर्व दिन की कथा में श्री सत्य प्रकाश शास्त्री जी ने वामन अवतार की महिमा बताते हुए कहा कि समर्पण ही ईश्वर प्राप्ति का मार्ग है। वामन भगवान की मनमोहक झांकी ने सभी भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।