हटा/- उपकाशी नगरी हटा स्थित प्राचीन एवं पावन धाम गौरीशंकर मंदिर में महाशिवरात्रि महापर्व की दिव्य बेला पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अनुपम संगम देखने को मिला। प्रातःकाल से ही हजारों शिवभक्तों ने मंदिर पहुंचकर विधि-विधानपूर्वक पार्थिव शिवलिंग निर्माण कर पूजन-अर्चन किया। इस अवसर विद्वान पंडित आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महाभिषेक सम्पन्न हुआ। ढोल-नगाड़ों और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच भजन-कीर्तन की मंगलमयी ध्वनियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। तत्पश्चात श्रद्धालुओं ने पार्थिव शिवलिंग को अपने सिर पर रखकर सुनार नदी में विसर्जन के लिए निकली भक्तों की भीड़ का दृश्य ने मानो भगवान शिव को स्वयं भक्तों के साथ चलते हुए प्रकट कर दिया हो। श्रद्धालुओं ने गहन श्रद्धा-भाव से पार्थिव शिवलिंगों का विसर्जन किया। देवाधिदेव महादेव एवं माता पार्वती के जयकारों से सम्पूर्ण हटा नगर गूँजयामन हो उठा। इस पावन अवसर पर दमोह संसदीय क्षेत्र के सांसद राहुल सिंह लोधी ने मंदिर पहुंचकर श्री गौरीशंकर भगवान के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की मंगलकामना की। उन्होंने मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं पार्थिव शिवलिंग निर्माण अनुष्ठान में सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित किया। सांसद ने प्रख्यात कथावाचक डॉ अनिल शास्त्री से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा चल रहे धार्मिक अनुष्ठानों की सराहना की। इस अवसर पर हटा विधायक उमा देवी खटीक, जनपद अध्यक्ष गंगाराम पटेल, पूर्व विधायक पीएल तंतवाय, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल, आयोजन समिति संरक्षक कुँ. पुष्पेंद्र हजारी, यज्ञ समिति अध्यक्ष अनुराग वर्धन हजारी एवं मंडल अध्यक्ष सौरभ नेमा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी एवं श्रद्धालुजन उपस्थित रहे। मंदिर परिसर में वैदिक ऋचाओं की पावन ध्वनि, हर-हर महादेव के गगनभेदी जयघोष और शिवभक्ति से ओत-प्रोत भजनों ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से अभिभूत कर दिया। पार्थिव शिवलिंग निर्माण, कथा श्रवण एवं पूजन-अर्चन जैसे पुण्य अनुष्ठानों के माध्यम से भक्तों ने भगवान भोलेनाथ की असीम कृपा प्राप्त की।महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर गौरीशंकर मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम श्री श्री 1008 अतिरुद्रमाहायज्ञ का पूर्ण आहुति के साथ समापन हुआ एवं सप्तदिवसिय श्रीमद्भागवत कथा का अंतिम दिवस गौरीशंकर मंदिर के समक्ष कथा व्यास पंडित श्री अनिल शास्त्री द्वारा भागवत कथा का अंतिम सार का श्रवण कराते हुए भव्य समापन किया गया।
Continue With Google
Comments (0)