संयम, तप और त्याग की दिव्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए परम पूज्य आचार्य भगवन् श्री विद्यासागर जी महामुनिराज से दीक्षित, तप-त्याग एवं संयम की साक्षात प्रतिमूर्ति आचार्य भगवन् श्री आर्जवसागर जी महामुनिराज ससंघ का मंगल विहार आज ठुकराई से श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ।पूज्य गुरुदेव के पावन चरणों का सान्निध्य प्राप्त करने हेतु मार्ग में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। धर्म प्रभावना के इस मंगल विहार से क्षेत्र का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और जिनवाणी की महिमा से अनुप्राणित हो रहा है।

 

🌴 आज का रात्रि विश्राम 🌴

📍 सामुदायिक भवन, सामरिया कलां

 

सभी श्रद्धालु भक्तजन पूज्य गुरुदेव के दर्शन, वंदना एवं धर्मलाभ का अवसर प्राप्त करें तथा अपने जीवन को धर्ममय बनाने का पुण्य अर्जित करें।

 

🙏 जय जिनेन्द्र 🙏