उपकाशी हटा में महारूद्र महायज्ञ: धर्ममय वातावरण में हुआ शुभारंभ
उपकाशी हटा में पहली बार देवश्री गौरीशंकर मंदिर प्रांगण में आयोजित 10 दिवसीय श्री श्री 1008 श्री महारूद्र महायज्ञ का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। इस भव्य आयोजन का नेतृत्व यज्ञाचार्य पंडित श्री मथुरा प्रसाद जी के सानिध्य में किया गया, जिसमें विद्वान पंडितों द्वारा विधि विधान के साथ पूजन अर्चन हुआ।
इस अवसर पर 25 कुंडीय यज्ञशाला में 71 यजमानों द्वारा आहुति दी गई, जिससे माहौल धर्ममय हो गया। मंत्रोच्चार की गूंज से वातावरण पवित्रता से भर गया। जल से भरे कलश यज्ञशाला में स्थापित किए गए हैं।
विशेष आकर्षण:
- योगाचार्य वाराणसी के विख्यात पंडित मथुरा प्रसाद जी शास्त्री के नेतृत्व में भगवान गौरीशंकर का रुद्राभिषेक हुआ।
- प्रथम दिवस पर 71 यजमानों द्वारा जनकल्याण के लिए 2 लाख 19 हजार 231 आहुतियां दी गईं।
- मुख्य यजमान के रूप में सापत्नी कुँ पुष्पेंद्र सिंह हजारी का चयन किया गया है।
शास्त्री जी ने बताया कि यज्ञ के समापन तक कुल 24 लाख 11 हजार 541 आहुतियों का लक्ष्य रखा गया है। महारूद्र यज्ञ में रोजाना नए यजमान सम्मिलित होते हैं और आहुतियां देते हैं। यज्ञशाला की परिक्रमा करने से सभी कष्टों का निवारण होता है।
इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यज्ञ स्थल पर पहुंचकर धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं।
निष्कर्ष: महारूद्र महायज्ञ ने उपकाशी हटा को धर्ममय वातावरण से भर दिया है, और श्रद्धालुओं को अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो रहा है।

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