अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दाहोद में भव्य योग साधना, आचार्य श्री सुनीलसागर जी ने दिया संयम और स्वास्थ्य का संदेश

दाहोद, 21 जून 2026। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गुजरात के दाहोद स्थित अवंतिका उद्यान में राष्ट्र गौरव, संयम भूषण, चतुर्थ पट्टाचार्य आचार्य श्री 108 सुनीलसागर जी महाराज की पावन निश्रा में भव्य सामूहिक योग साधना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में योग साधकों, जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने सहभागिता की।इस अवसर पर गुजरात सरकार के कृषि मंत्री, गुजरात विधानसभा सदस्य श्री रमेशजी कटारा, क्षेत्रीय विधायकगण, जिला कलेक्टर, एसडीएम सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से जैन धर्म की प्रभावना हुई तथा उपस्थित जनसमुदाय को योग के आध्यात्मिक एवं व्यावहारिक स्वरूप से परिचित कराया गया।अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में आचार्य श्री ने कहा कि, “खुद को खुद से मिलाने का नाम योग है, हर बीमारी को जड़ से मिटाने का नाम योग है। योग केवल शरीर को मटकाने की कला नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा बनाने की साधना है।” उन्होंने कहा कि भोग से संसार का विकास होता है, अतिभोग से इंसान शैतान बन जाता है और योग से आत्मा भगवान बनने की दिशा में अग्रसर होती है।आचार्य श्री ने बताया कि योग का वास्तविक अर्थ केवल शरीर को स्वस्थ रखना नहीं, बल्कि मन, वचन और काय को संयमित एवं शुद्ध बनाना है। उन्होंने कहा, “मन, वचन और काय को स्वस्थ करने का नाम योग है तथा इन तीनों से अतीत हो जाने का नाम अयोग है।”गुरुदेव ने शुद्ध खान-पान, सद्भावनापूर्ण जीवनशैली तथा मन, वचन और कर्म की पवित्रता पर विशेष बल देते हुए कहा कि जीवन में स्थायी परिवर्तन के लिए भावों की शुद्धि आवश्यक है। यदि मन और वचन पर नियंत्रण स्थापित हो जाए तो जीवन की अनेक समस्याएं स्वतः समाप्त हो सकती हैं।उन्होंने जैन साहित्य में योग की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए तत्त्वानुशासन तथा आचार्य पूज्यपाद स्वामी द्वारा रचित प्राचीन योगी भक्ति ग्रंथ का संदर्भ दिया और जैन योग साधना की महत्ता पर प्रकाश डाला।योगाभ्यास, प्राणायाम एवं आध्यात्मिक चिंतन से परिपूर्ण यह आयोजन दाहोद नगर के लिए प्रेरणादायक एवं स्मरणीय अवसर बन गया। उपस्थित अधिकारियों, अतिथियों एवं नागरिकों ने आचार्य श्री के विचारों को श्रद्धापूर्वक सुना तथा योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया।

 

संवाददाता : मुकेश जैन