संगठित हिंदू समाज ही भारत की शक्ति — रामवीर पोरवाल

बुधनी।
सनातन समाज पर हजारों वर्षों से होते आ रहे अत्याचारों का मूल कारण हिंदू समाज का असंगठित रहना रहा है, लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के बाद सनातनी समाज एकजुटता की दिशा में अग्रसर हुआ है। इसी का परिणाम है कि आज संपूर्ण विश्व सनातन संस्कृति को आत्मसात करने की ओर बढ़ रहा है।
यह विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष समारोह के अवसर पर ग्राम होलीपुरा में आयोजित हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं संघ के प्रांत सह-व्यवस्था प्रमुख रामवीर पोरवाल ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि देश में तथाकथित सेकुलर सोच के कारण हिंदू समाज को कमजोर करने के प्रयास हो रहे हैं, जिससे समाज पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं, जिन्हें रोकने के लिए संगठित होना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ललिता आश्रम, नर्मदापुरम के आचार्य पंडित अजय दुबे ने की। सम्मेलन के दौरान नन्ही-नन्ही बालिकाओं द्वारा शस्त्र निपुणता के आकर्षक प्रदर्शन ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का समापन भारत माता की आरती एवं सहभोज के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।