उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में मुस्लिम समाज ने 'अंजुमन सदर' नियुक्ति के खिलाफ खोला मोर्चा

मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। यहां के मुस्लिम समाज ने 'अंजुमन सदर' की नियुक्ति प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठाई है, आरोप है कि पिछले आठ वर्षों से उनकी लोकतांत्रिक आवाज को दबाया जा रहा है और वक्फ बोर्ड द्वारा थोपे गए सदर अपनी मनमानी कर रहे हैं।

इस मामले में समाज के लोगों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को एक शिकायती पत्र सौंपा है और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।

मुख्य बिंदु:

  • समाज का आरोप है कि पिछले आठ वर्षों से उन्हें अपना मुखिया चुनने का मौका नहीं मिला है।
  • नियुक्त सदर पर चंदे और वक्फ संपत्तियों के सही रख-रखाव में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है।
  • हिसाब मांगने पर समाज के लोगों को पुलिस केस की धमकी दी जाती है।
  • समाज मांग करता है कि पहले स्थानीय स्तर पर चुनाव कराया जाए, जिसके बाद वक्फ बोर्ड द्वारा 'मुतवल्ली' नियुक्त किया जाए।

बिरसिंहपुर पाली के मुस्लिम समाज में लंबे समय से उठ रहा आक्रोश अब सड़कों पर आ गया है। समाज के लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने की मांग की है ताकि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा हो सके।