*सीधी मेडिकल कॉलेज सिर्फ वादों का पुलिंदा: कांग्रेस प्रवक्ता प्रदीप सिंह दीपू ने RTI के जरिए सरकार से मांगा पाई-पाई का हिसाब*
वर्ष 2023 के भूमि पूजन के बाद भी काम शून्य, पीपीपी मॉडल के नाम पर सीधी की जनता से छलावा-: प्रदीप सिंह दीपू*
*सीधी।* मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संभागीय प्रवक्ता प्रदीप सिंह दीपू ने सीधी जिले में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के निर्माण में हो रही अत्यधिक देरी को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने लोक स्वस्थ एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्रालय भोपाल में सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम 2005 के तहत 7 प्रमुख बिंदुओं पर आवेदन प्रस्तुत कर पूरे मामले से जुड़े प्रमाणिक रिकॉर्ड मांगे हैं।
इस संबंध में जारी प्रेस विज्ञप्ति में कांग्रेस प्रवक्ता प्रदीप सिंह दीपू ने कहा है कि सितंबर 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीधी में मेडिकल कॉलेज का विधिवत भूमि पूजन किया था। इसके बाद पीपीपी मॉडल के तहत निविदा प्रक्रिया का ढिढोरा भी पीटा गया, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि परियोजना आज भी पूरी तरह से ठप पड़ी है। भाजपा की सरकार द्वारा जनता को सिर्फ झूठे आश्वासन दिए जा रहे हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता द्वारा आरटीआई के माध्यम से जो महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी गई है उनमें-
*स्वीकृत एवं लागत:* सीधी मेडिकल कॉलेज की स्वीकृत परियोजना लागत, डीपीआर और प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति आदेशों की प्रतियां।
*वर्षवार बजट खर्च:* वित्तीय वर्ष 2023 -24 से 2026- 27 तक आवंटित बजट, जारी धनराशि और वास्तव में किए गए कुल व्यय का विवरण।
*पीपीपी मॉडल व निविदा सच:* निविदा की अनुमानित लागत, शामिल कंपनियों, चयनित एजेंसी तथा निविदा निरस्त होने के कारण और संबंधित आदेश।
*भूमि व निर्माण प्रगति:* आवंटित भूमि का क्षेत्रफल, भवन निर्माण का वर्क आर्डर, स्वीकृत राशि और कार्य की वर्तमान स्थिति।
*विधानसभा उत्तर की कार्यवाही:* जुलाई 2026 को विधानसभा प्रश्न क्रमांक 936 के उत्तर के बाद विभाग द्वारा की गई कार्यवाही और आदेश।
*समय-सीमा:* मेडिकल कॉलेज के निर्माण और संचालन को पूरा करने के लिए शासन द्वारा तय की गई अंतिम समय सीमा प्रमुख है।
कांग्रेस प्रवक्ता प्रदीप सिंह दीपू ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य जैसे गंभीर विषय पर सरकार की यह अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, यदि विभाग ने निर्धारित समय सीमा में प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए तो इसके लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी तथा कानूनी विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा।
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