*यादव समाज ने धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ दिया ज्ञापन*

*उमरिया में भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी से यादव समाज नाराज, श्रीकृष्ण यादव सेवा संस्थान समिति ने SDM को दिया ज्ञापन, धीरेंद्र शास्त्री से सार्वजनिक माफी की मांग*

*उमरिया -* बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के प्रति की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर उमरिया जिले में यादव समाज में भारी आक्रोश है।

*श्रीकृष्ण यादव सेवा संस्थान समिति जिला उमरिया* के जिलाध्यक्ष *प्यारेलाल यादव* के नेतृत्व में आज प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में समिति ने स्पष्ट कहा है कि *भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अभद्र एवं अपमानजनक टिप्पणी अस्वीकार्य है। धीरेंद्र शास्त्री सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगें।*

ज्ञापन में मांग किया गया है कि धीरेंद्र शास्त्री द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की पावन मुरली की तुलना मछली पकड़ने वाले कांटे से करना घोर अनादर है। जिस मुरली की मधुर ध्वनि पर मनुष्य ही नहीं, पशु-पक्षी और प्रकृति तक मुग्ध हो जाती थी, उसकी तुलना साधारण वस्तु से करना वैचारिक संकीर्णता है।

भगवान की त्रिभंगी मुद्रा पर व्यंग्य करना आपत्तिजनक है। वो कोई शारीरिक विवशता नहीं, बल्कि दिव्य स्वरूप की अभिव्यक्ति है जिसने युगों-युगों से भक्तों के हृदय को प्रेम और भक्ति से सराबोर किया है।

गोवर्धन पर्वत धारण करने की लीला को खेल या सामान्य घटना बताकर उपहास का विषय बनाना करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है।

किसी भी कथावाचक को यह अधिकार नहीं देता कि वह अपनी वाणी के माध्यम से किसी आराध्य देव का अपमान करे। कथावाचक का दायित्व समाज को जोड़ना है, न कि ऐसी टिप्पणियां करना जिससे समाज में वैमनस्य और विभाजन की स्थिति बने

समिति की चेतावनी -
समिति ने स्पष्ट कहा है कि धार्मिक स्वतंत्रता के नाम पर किसी की आस्था का उपहास करने की छूट नहीं दी जा सकती। असहमति का अधिकार सबको है, लेकिन अपमान करने का अधिकार किसी को नहीं

ज्ञापन में मांग की गई है कि धीरेंद्र शास्त्री इस टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगें।