बजरंग पावर और आदिवासियों के बीच न्याय की लड़ाई: पाली में हाईवोल्टेज ड्रामा

उमरिया जिले के पाली विकासखंड में श्री बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के खिलाफ आदिवासियों के आंदोलन ने जोर पकड़ लिया है। पथौरा पश्चिमी कोल माइन के विस्तार के नाम पर कंपनी द्वारा की जा रही कथित अनियमितताओं के खिलाफ आदिवासी पाली थाना में धरने पर बैठ गए हैं। इस मुद्दे ने स्थानीय राजनीति को भी गरमा दिया है, जहाँ कांग्रेस आदिवासियों के समर्थन में उतर चुकी है।

  • घुनघुटी और गिठौरा गांव के आदिवासी अपने पारंपरिक जलस्रोत और कृषि भूमि की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
  • कंपनी पर आरोप है कि उसने बिना सरकारी अनुमति के गांव के शासकीय तालाब को खदान में मिलाने की कोशिश की।
  • किसानों की 57.57 एकड़ निजी जमीन पर कंपनी द्वारा अवैध बाउंड्री निर्माण का भी आरोप है।
  • आदिवासी महिलाओं का आरोप है कि कंपनी के गुर्गों ने उन्हें धमकाया और जातिसूचक अपशब्द कहे।
  • कांग्रेस ने इस आंदोलन में शामिल होकर आदिवासियों की मांगों को समर्थन दिया है।

आदिवासियों की मांग है कि SC/ST एक्ट के तहत तुरंत FIR दर्ज की जाए।

इस आंदोलन ने प्रशासन को भी चिंतित कर दिया है और स्थिति को संभालने के लिए उमरिया से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को पाली थाना भेजा गया है। आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि जब तक उचित कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।