फेसबुक पर विज्ञापन: तीन सूट 149 रुपये में, चार किलो ड्राई फ्रूट्स 239 में। लिंक पर क्लिक करते ही जानी-पहचानी शॉपिंग साइट जैसा पेज खुलता है। भुगतान होता है, सामान कभी नहीं आता।

पड़ोसी राजस्थान की साइबर पुलिस ने ऐसी ठगी पर एडवाइजरी जारी की है, मध्यप्रदेश में भी जिला पुलिस त्योहारों पर अलर्ट देती रही है। गृह मंत्रालय के मुताबिक I4C की वित्तीय ठगी रिपोर्टिंग प्रणाली से 31 अक्टूबर 2025 तक 23 लाख से ज़्यादा शिकायतों में 7,130 करोड़ रुपये से अधिक बचाए गए।

ठगी हो जाए तो: एक नज़र में

क्या करेंकहाँस्रोत
पैसा कटते ही कॉल1930 (टोल-फ्री)I4C, गृह मंत्रालय
ऑनलाइन शिकायतcybercrime.gov.inI4C
बैंक को सूचना3 कार्यदिवस के भीतरRBI
बैंक पैसा लौटाए (शैडो क्रेडिट)10 कार्यदिवस मेंRBI
संदिग्ध कॉल, SMS, WhatsAppSanchar Saathi पर Chakshuदूरसंचार विभाग
FIR, जाँचनज़दीकी थाना, साइबर सेलMP पुलिस

1. नकली शॉपिंग साइट: नाम वही, पता अलग

ठग बड़े ब्रांड जैसी वेबसाइट बनाते हैं, जिनके पते में ब्रांड के नाम के साथ अजीब शब्द या अनजान डोमेन जुड़ा होता है। साइबर पुलिस की सलाह है कि लिंक पर क्लिक करने के बजाय पता खुद टाइप करें या कंपनी का आधिकारिक ऐप ही खोलें।

2. सोशल मीडिया विज्ञापन, लकी ड्रॉ और गिफ्ट-लिंक

"आप लकी ड्रॉ जीत गए", "दिवाली गिफ्ट क्लेम करें" जैसे मैसेज बैंक डिटेल या OTP चुराने का पुराना तरीका हैं। सोशल मीडिया विज्ञापन के लिंक से भुगतान न करें। नकली ऑर्डर अपडेट वाले SMS से भी बचें।

3. APK फाइल: एक इंस्टॉल, पूरा फोन ठगों के हाथ

WhatsApp पर "शॉपिंग ऐप" या "गिफ्ट कूपन" के नाम से आई APK फाइल इंस्टॉल होते ही मैसेज और OTP पढ़ सकती है। ऐप सिर्फ Play Store या App Store से लें।

4. फर्जी कस्टमर केयर और डिलीवरी कॉल

गूगल पर दिखा हेल्पलाइन नंबर नकली हो सकता है। नंबर सिर्फ कंपनी की आधिकारिक साइट या ऐप से लें। डिलीवरी के बहाने OTP, UPI PIN या QR स्कैन माँगने वाले को कुछ न बताएँ।

5. ठगी हो गई तो पहला घंटा सबसे कीमती

तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। बैंक को कॉल कर कार्ड और UPI ब्लॉक कराएँ। RBI के नियम के मुताबिक गलती ग्राहक की न हो और 3 कार्यदिवस में सूचना दी जाए तो ग्राहक की देनदारी शून्य है। संदिग्ध मैसेज की रिपोर्ट Sanchar Saathi के Chakshu पर करें। मध्यप्रदेश सरकार के मुताबिक ठगी की रकम वापस पाने की मनी रिस्टोरेशन प्रक्रिया में लगने वाला स्टाम्प शुल्क 1,000 रुपये से घटाकर 100 रुपये किया जा रहा है।

आज ही कर लें ये 5 काम

  1. फोन में 1930 नंबर "साइबर हेल्पलाइन" नाम से सेव करें।
  2. UPI और कार्ड पर ट्रांज़ैक्शन अलर्ट चालू रखें।
  3. अनजान सोर्स से ऐप इंस्टॉल का विकल्प बंद रखें।
  4. बैंक का असली कस्टमर केयर नंबर नोट करें।
  5. घर के बुज़ुर्गों को APK और लकी ड्रॉ का खतरा समझाएँ।

यह खबर 21 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। नियम बदल सकते हैं, cybercrime.gov.in या अपने बैंक से पुष्टि करें।