- EWS प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़ा, डॉ जितेश गोन्नाडे पर कार्रवाई*
पांढुरना जिले से स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। सरकारी नौकरी के लिए फर्जी EWS प्रमाण पत्र बनाने का मामला उजागर हुआ है।
मामला सिराठा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी डॉ जितेश गोन्नाडे का है। वर्ष 2023 में उन्होंने EWS प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था, जिसमें पारिवारिक आय 7 लाख 2 हजार रुपये दिखाई थी। शिकायत के बाद कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने जांच के आदेश दिए।
तहसीलदार की जांच में बड़ा खुलासा हुआ। नगरपालिका और राजस्व रिकॉर्ड में डॉ जितेश और उनके माता-पिता के नाम पर कई संपत्तियां मिलीं। पंढरी वार्ड में 800 वर्गफीट का भवन, बम्हनी जलाराम वार्ड में 3921.25 वर्गफीट जमीन और देवखापा में माता के नाम 0.483 हेक्टेयर कृषि भूमि दर्ज पाई गई, जिसका जिक्र आवेदन में नहीं किया गया था।
गौरतलब है कि डॉ जितेश के पिता डॉ नरेश गोन्नाडे जो छिंदवाड़ा जिला चिकित्सा अधिकारी थे, उन्हें भी जनविश्वास अभियान में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा अनियमितता पर निलंबित किया गया था।
तहसीलदार रिपोर्ट के अनुसार डॉ जितेश EWS की पात्रता नहीं रखते थे। 31 जनवरी 2023 को जारी प्रमाण पत्र सिर्फ 2022-23 तक वैध था। कलेक्टर पांढुरना ने पूरी रिपोर्ट कार्रवाई के लिए कलेक्टर छिंदवाड़ा को भेज दी है, साथ ही प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारी और पटवारी पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
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