सागर जिले की देवरी के गौरझामर के जंगलों में अवैध कटाई का आरोप, वन विभाग की निगरानी पर सवाल
मध्य प्रदेश के गौरझामर वन परिक्षेत्र में सागौन के वृक्षों की अवैध कटाई और वन विभाग की निगरानी में खामियों के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों ने वन संपदा की सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरण की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया है।
- सूत्रों के अनुसार, गौरझामर क्षेत्र में हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई की शिकायतें मिल रही हैं।
- वन विभाग की निगरानी की प्रभावशीलता पर सवाल उठे हैं, क्योंकि आरोप है कि पेड़ों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे।
- एक फर्नीचर मार्ट संचालक ने आरोप लगाया है कि वन विभाग में पदस्थ एक कर्मचारी के माध्यम से बिल पास करने में 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही है।
- इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, परंतु मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।
- वरिष्ठ अधिकारियों को क्षेत्र में नियमित गश्त और अवैध कटाई रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
महत्वपूर्ण निर्देश: वरिष्ठ अधिकारियों को चाहिए कि वे इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएं और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
गौरझामर वन परिक्षेत्र में जंगलों की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच के माध्यम से ही मिल सकेगा। यह आवश्यक है कि वन विभाग की कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए और पर्यावरण संरक्षण के प्रति गंभीरता से कदम उठाए जाएं।
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