हेडलाइन: पत्रकार पर जानलेवा हमले का आरोप! कवरेज करने पर मारपीट, अपहरण और बंधक बनाने का दावा, भाई का हाथ फ्रैक्चर… कार्रवाई की मांग को लेकर पत्रकारों ने सौंपा ज्ञापन।
न्यूज़ स्क्रिप्ट:
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के बेगमगंज से बड़ी खबर है, जहां एक पत्रकार के साथ कथित मारपीट, अपहरण और बंधक बनाकर रखने का मामला सामने आने के बाद पत्रकारों में भारी आक्रोश है।
आरोप है कि अवैध क्लीनिक और मेडिकल दुकान की वीडियो कवरेज करना पत्रकार को इतना भारी पड़ा कि उन्हें अपने भाई के साथ कथित तौर पर मारपीट और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। घटना में पत्रकार के भाई के बाएं हाथ में फ्रैक्चर होने की बात भी सामने आई है।
मामले में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर क्षेत्र के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार प्रमोद उईके को ज्ञापन सौंपा।
दरअसल, मामला 8 अक्टूबर का है। ज्ञापन के मुताबिक, दैनिक भास्कर के पत्रकार कृष्णा यादव अपने भाई देवेश यादव के साथ कार से ग्राम बिछुआ प्रतापगढ़ जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम मोदकपुर में एक कथित अवैध क्लीनिक और मेडिकल दुकान का वीडियो कवरेज करने के बाद वे आगे निकल गए।
आरोप है कि इसके बाद कुछ लोगों ने बाइक से उनकी कार का पीछा किया और ग्राम भैसा तिगड्डे के पास ओवरटेक कर गाड़ी रुकवा ली। कार की चाबी निकालने के बाद दोनों भाइयों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई।
इतना ही नहीं, ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि दोनों के मोबाइल फोन छीनकर उन्हें जबरन ग्राम मोदकपुर ले जाया गया, जहां करीब ढाई घंटे तक एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान मोबाइल का पासवर्ड लेकर कवरेज से जुड़े वीडियो और फोटो डिलीट करने का भी आरोप है।
पुलिस के फोन के बाद दोबारा मारपीट का आरोप!
ज्ञापन में बताया गया कि इसी दौरान पत्रकार के मोबाइल पर बेगमगंज थाना प्रभारी का फोन आया। आरोप है कि इसके बाद दोनों भाइयों के साथ फिर मारपीट की गई और उन्हें बदनाम करने की धमकी भी दी गई।
बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों भाइयों को थाने ले गई। मेडिकल परीक्षण में देवेश यादव के बाएं हाथ में फ्रैक्चर पाए जाने की जानकारी ज्ञापन में दी गई है।
मामले में पुलिस द्वारा करीब आधा दर्जन लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किए जाने की बात कही गई है।
अब पत्रकारों ने उठाए कार्रवाई पर सवाल!
पत्रकारों का आरोप है कि मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इसके अलावा ग्राम मोदकपुर में खसरा नंबर 140/1 की शासकीय वन भूमि पर कथित अतिक्रमण की जांच कराने की मांग भी ज्ञापन के माध्यम से की गई है।
पत्रकारों का कहना है कि यदि जनहित में खबरों की कवरेज करने वाले पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो अवैध गतिविधियों को उजागर करना चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।
फिलहाल, पत्रकारों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

बेगमगंज से इस मामले में अब सबकी नजर पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।