कोरिया में सड़क हादसे में 4 आदिवासी महिलाओं की मौत, पुलिस की निष्क्रियता पर ग्रामीणों में आक्रोश

कोरिया जिले के पटना थाना क्षेत्र के छिंदिया गांव में एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद ग्रामीणों में पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर भारी आक्रोश है। 2 अक्टूबर 2026 को एक अज्ञात तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने चार आदिवासी महिलाओं को टक्कर मार दी थी, जिसमें तीन महिलाओं की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। 15 दिन बीतने के बावजूद आरोपी वाहन चालक पर कोई कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित परिवार और ग्रामीण आक्रोशित हैं।

  • घटना 2 अक्टूबर को छिंदिया गांव के पास हुई, जब महिलाएं दशगात्र कार्यक्रम से लौट रही थीं।
  • पिकअप वाहन की टक्कर से तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई।
  • आरोपी चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया था।
  • ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने अब तक उचित जांच नहीं की है।
  • परिजनों को घटना स्थल का पंचनामा, एफआईआर की कॉपी और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं मिली है।

ग्रामीणों की मांगें और चेतावनी

ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों ने पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है:

  • पुलिस अधीक्षक से मामले को संज्ञान में लेते हुए आरोपी की गिरफ्तारी का आदेश देने की मांग।
  • पटना थाना प्रभारी पर कार्रवाई की चेतावनी, यदि 6 घंटे के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई।
  • थाना प्रभारी और विवेचना अधिकारी की विभागीय जांच की मांग।
  • पटना क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों पर कड़ा प्रतिबंध लगाने की मांग।
  • अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामले की जांच के आदेश की मांग।

ग्राम पंचायत छिंदिया, बिलारो एवं पटना के ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन 6 घंटे के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं करता है, तो वे पटना थाना कार्यालय का घेराव और मुख्य मार्ग पर चक्काजाम करेंगे। इस स्थिति में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।

इस संबंध में ज्ञापन पत्र की प्रतियां आईजी सरगुजा रेंज, पुलिस महानिदेशक रायपुर, एडीजी सरगुजा रेंज, कलेक्टर कोरिया-बैकुंठपुर, छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग तथा छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग को भी प्रेषित की गई हैं।