थाना गंजबासौदा शहर में चार वर्षीय बच्ची की हत्या कर शव छिपाने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चंद घंटों में प्रकरण का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
अधीक्षक विदिशा रोहित काशवानी द्वारा बच्ची की शीघ्र दस्तयाबी के निर्देश दिए गए। निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका तिवारी एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) गंजबासौदा शिखा भलावी के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न थानों के थाना प्रभारियों एवं पुलिस बल की टीमें गठित कर तत्काल तलाश शुरू की गई।
गठित पुलिस टीमों द्वारा बारीकी से जांच की गई। तलाश के दौरान बच्ची घर के पीछे बने लेट्रिंग के गड्ढे के पास मृत अवस्था में मिली। प्रकरण में संदेहियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने लल्ला आदिवासी एवं उर्मिला आदिवासी से पूछताछ की।
पूछताछ में सामने आया कि उर्मिला आदिवासी द्वारा बच्ची की गला दबाकर हत्या की गई तथा उसके बाद बच्ची के शव को घर के पीछे बने लेट्रिंग के गड्ढे में छिपा दिया गया। पुलिस द्वारा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए प्रकरण में धारा 103(1), 238(क), 3(5) बीएनएस की वृद्धि की गई। बच्ची के शव का सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया तथा शव परिजनों को सौंपा गया। दोनों आरोपियों लल्ला आदिवासी पिता शोभाराम आदिवासी, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम सुनारी। उर्मिला पत्नी तुलाराम आदिवासी, उम्र 18 वर्ष, निवासी ग्राम सुनारी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
उक्त कार्रवाई में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस गंजबासौदा श्रीमती शिखा भलावी, सुश्री रोशनी सिंह, थाना प्रभारी गंजबासौदा शहर निरीक्षक संजय वेदिया, उनि जय कुमार सिंह (थाना प्रभारी देहात बासौदा), उनि लक्ष्मण डाबर (थाना प्रभारी मुरबास), निरीक्षक सुरेश सोलंकी (थाना प्रभारी गुलाबगंज), उनि गौरव रघुवंशी (थाना प्रभारी त्योंदा), उनि रघुराज सिंह (थाना प्रभारी हैदरगढ़), उनि रोहित कौरव (थाना प्रभारी पथरिया), उनि राधेश्याम यादव सहित थाना गंजबासौदा शहर, देहात बासौदा, मुरवास, हैदरगढ़ एवं अन्य पुलिस बल के अधिकारी/कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही।
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