सीधी में 27.68 करोड़ की धान मिलिंग का मामला, 241 लॉट चावल गायब होने से मचा हड़कंप!

 

STATE NEWS AI JOURNALIST SURAJ KUMAR

 

सीधी। जिले में धान मिलिंग व्यवस्था को लेकर सामने आई रिपोर्ट ने प्रशासनिक निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सिहावल के हटवा स्थित बजरंग इंडस्ट्रीज में 285 लॉट धान का उठाव, लेकिन जमा हुआ सिर्फ 44 लॉट का चावल!

 

रिपोर्ट के मुताबिक 241 लॉट चावल अब तक जमा नहीं कराया गया, जिसकी आर्थिक लागत करीब ₹27.68 करोड़ बताई गई है।

 

मामला यहीं खत्म नहीं होता। निगम के समक्ष प्रस्तुत करीब ₹14 करोड़ की FDR बैंक जांच में कथित तौर पर फर्जी पाए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद प्रशासन ने मिलर अमन यादव के खिलाफ FIR के निर्देश दिए हैं।

 

सवाल अब सीधा है—इतनी बड़ी मात्रा में धान उठने के बाद 241 लॉट चावल कहां गया?

₹27.68 करोड़ की बताई जा रही राशि से जुड़े इस मामले में निगरानी किस स्तर पर हुई?

 

प्रशासन ने संबंधित जिला प्रबंधक को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अब जांच की कार्रवाई में यह सामने आना बाकी है कि इस पूरे मामले में जिम्मेदारी किन-किन लोगों की तय होती है।

 

उधर, मझौली की शासकीय उचित मूल्य दुकान में खाद्यान्न वितरण की अनियमितता के मामले में विक्रेता कामता प्रसाद मिश्रा के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

 

सीधी में धान मिलिंग से जुड़े इस मामले ने व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब जांच बताएगी—241 लॉट चावल का हिसाब आखिर कहां है?