चौहरे हत्याकांड की क्राइम स्टोरी...
दमोह रिपोर्टर/- आकिब खान..8085231934

एंकर/- दमोह जिले के मगरोन थाना क्षेत्र के कबीरपुर गांव में शनिवार सुबह हुए चौहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। आरोप है कि द्वारका पटेल ने अपनी पत्नी खेमा बाई और तीन मासूम बच्चों की कुल्हाड़ी से गर्दन पर वार कर हत्या कर दी। सबसे खौफनाक बात यह है कि वारदात के बाद आरोपी हाथ में खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर घर के बाहर बैठा रहा। जब उसका चाचा हरगोविंद पटेल उसके पास पहुंचे तो आरोपी ने उन्हें भी धमकी दे दी। मेरे पास मत आना वरना तुम्हें भी मार देंगे...हम आपको बताएंगे..आखिर उस सुबह घर के अंदर क्या हुआ..आरोपी ने अपनी पत्नी और मासूम बच्चों को क्यों मौत के घाट उतारा..और वारदात के बाद आरोपी ने अपने ही चाचा को क्यों दी जान से मारने की धमकी...? देखिए इस चौहरे हत्याकांड की पूरी क्राइम स्टोरी..

खौफनाक सुबह..
सुबह करीब 4 से 4:30 बजे के बीच कबीरपुर गांव में एक परिवार की दुनिया उजड़ गई। आरोप है कि द्वारका पटेल ने पहले अपनी पत्नी खेमा बाई की हत्या की और फिर तीन मासूम बच्चों 7 वर्षीय उर्मिला 4 वर्षीय उमेश और 1 वर्षीय राजा को भी एक-एक कर कुल्हाड़ी से मौत के घाट उतार दिया। वारदात के बाद आरोपी भागा नहीं। वह घर के बाहर कुल्हाड़ी लेकर बैठा रहा।

चाचा ने सुनाई आंखों-देखी..
आरोपी के चाचा हरगोविंद पटेल ने बताया कि सुबह करीब 6:30 बजे उन्होंने द्वारका को घर के बाहर कुल्हाड़ी लेकर बैठे देखा। जब वह उसके पास पहुंचे तो आरोपी ने कहा कि उसने अपनी पत्नी और तीनों बच्चों की हत्या कर दी है। इसके बाद उसने चाचा को भी चेतावनी दी। मेरे पास मत आना और अंदर मत जाना,नहीं तो तुम पर भी कुल्हाड़ी से हमला कर देंगे। दहशत में चाचा पीछे हट गए। आरोपी ने यह भी कहा कि वह उनके चाचा हैं और पिता समान हैं। इसलिए उनका नुकसान नहीं करना चाहता। कुछ ही देर में गांव के लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और उसके पास से वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी भी बरामद की। छोटे भाई पर था शक..चाचा हरगोविंद के मुताबिक आरोपी ने बातचीत में कहा कि उसे अपने छोटे भाई हरिशंकर पर शक था। आरोपी का कहना था कि उसे संदेह था कि उसका छोटा भाई उसकी पत्नी को भगा ले जाएगा। इसी चरित्र संदेह और पारिवारिक विवाद के चलते उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।

पत्नी पर पहले भी कर चुका था हमला
इस मामले की सबसे अहम कड़ी यह है कि परिवार के मुताबिक पति-पत्नी के बीच विवाद पहले से चल रहा था।
मृतका के परिजनों का आरोप है कि द्वारका शराब के नशे में पत्नी पर चरित्र संदेह करता था और उसके साथ मारपीट करता था। करीब दो-तीन महीने पहले भी उसने हंसिया से पत्नी पर हमला किया था। मृतका के पिता के मुताबिक बेटी ने पुलिस में शिकायत की थी। बाद में न्यायालय में दोनों के बीच राजीनामा हो गया। लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ।
शिवजी के सामने खाई थी कसम
मृतका के बड़े पिता धनीराम पटेल ने बताया कि मारपीट से परेशान होकर खेमा बाई मायके आ गई थी। रक्षाबंधन के बाद द्वारका पत्नी और बच्चों को लेने आया। उसने माफी मांगी और भगवान शिव के सामने हाथ रखकर वादा किया कि अब वह पत्नी को परेशान नहीं करेगा और अच्छे से रखेगा। परिजनों ने भरोसा कर खेमा को उसके साथ भेज दिया। लेकिन शनिवार सुबह वही परिवार खून में पड़ा मिला।

एक दिन पहले बच्चों ने नाना से मांगे थे 20 रुपये..मृतका के पिता बाबूलाल पटेल ने बताया कि घटना से ठीक एक दिन पहले ही वह अपनी बेटी के घर समझाने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने पति-पत्नी दोनों को समझाया था। घर में मौजूद तीनों मासूम बच्चों ने नाना से कुछ खाने के लिए पैसे मांगे। उन्होंने बच्चों को 20 रुपये दिए और कहा कि दुकान से कुछ लेकर खा लेना। बाबूलाल कहते हैं। 
एक दिन पहले जिन बच्चों की आवाज पूरे घर में गूंज रही थी। वही तीनों बच्चे अगले दिन उनके सामने नहीं थे। 

आरोपी का कबूलनामा..शनिवार रात पुलिस आरोपी द्वारका पटेल को मेडिकल परीक्षण के लिए बटियागढ़ स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची। मीडिया के सामने आरोपी ने हत्या की वजह पत्नी के चरित्र पर संदेह बताई। आरोपी के मुताबिक उसे शक था कि उसकी पत्नी के उसके छोटे भाई के साथ प्रेम संबंध हैं। उसने पत्नी को समझाया लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि करीब दो महीने पहले उसने पत्नी की गर्दन पर हंसिया से हमला किया था। इसके बाद शनिवार तड़के उसने कुल्हाड़ी से पत्नी और तीनों बच्चों की हत्या कर दी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी ने कहा कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है।
कबीरपुर के इस चौहरे हत्याकांड ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शराब शक घरेलू विवाद और परिवार के भीतर बढ़ती कलह आखिर किस हद तक पहुंच गई कि एक पिता ने अपने ही बच्चों की जान ले ली। एक दिन पहले जो बच्चे नाना से पैसे मांग रहे थे। अगले दिन उनकी जिंदगी खत्म हो चुकी थी। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
अब जांच में यह साफ होना बाकी है कि इस खौफनाक हत्याकांड के पीछे आखिर कौन-कौन से कारण थे और घटनाक्रम की पूरी सच्चाई क्या है।