Editor's Desk | State News | Amit Shrivastava

भोपाल के किसी मोहल्ले में एक ही गली में तीन मोबाइल रिपेयर की दुकानें खुलती हैं। छह महीने बाद दो पर ताला लटका होता है। वजह अक्सर एक ही: किसी ने पहले यह नहीं देखा कि गली में ग्राहक कितने हैं और महीने का खर्च निकलेगा कैसे।

अच्छी खबर यह है कि सरकारी मदद पहले से ज़्यादा है: मुद्रा लोन 20 लाख तक, PMEGP में 35 प्रतिशत तक सब्सिडी और MP की उद्यम क्रांति योजना में ब्याज पर राहत। बुरी खबर यह कि इन्हीं योजनाओं के नाम पर ठगी भी बढ़ी है।

पहला रुपया लगाने से पहले ये 10 बातें जान लीजिए।

एक नज़र में: नए कारोबारी के काम की जानकारी

विषय

नियम / सीमा

कहाँ देखें

Udyam रजिस्ट्रेशन

पूरी तरह मुफ्त, सिर्फ आधार से

udyamregistration.gov.in

GST रजिस्ट्रेशन

सामान: ₹40 लाख, सेवा: ₹20 लाख टर्नओवर

gst.gov.in

मुद्रा लोन

शिशु ₹50,000, किशोर ₹5 लाख, तरुण ₹10 लाख, तरुण प्लस ₹20 लाख

udyamimitra.in / बैंक

PMEGP

प्रोजेक्ट: मैन्युफैक्चरिंग ₹25 लाख, सर्विस ₹10 लाख; सब्सिडी 15% से 35%

KVIC का PMEGP पोर्टल

उद्यम क्रांति योजना (MP)

₹1 से 50 लाख लोन, 3% ब्याज अनुदान, 7 साल तक

samast.mponline.gov.in

दुकान एवं स्थापना (MP)

लागू होने के 30 दिन में ऑनलाइन पंजीयन

श्रम विभाग पोर्टल

ITR (बिना ऑडिट बिजनेस)

31 अगस्त, ऑडिट वाले: 31 अक्टूबर

incometax.gov.in

 

1. पैसा लगाने से पहले मार्केट की जाँच

सबसे महँगी गलती: बिना ग्राहक देखे दुकान सजा देना। जिस इलाके में काम शुरू करना है, वहाँ कम से कम दो हफ्ते घूमिए। दुकानदारों से पूछिए कि कौन सा सामान जल्दी बिकता है और किस चीज़ की माँग है पर मिलती नहीं।

छोटा ट्रायल सबसे अच्छा टेस्ट है। टिफिन सर्विस शुरू करनी है तो पहले 20 घरों को एक महीने खिलाकर देखिए। जो छोटे पैमाने पर नहीं बिका, वह बड़ी दुकान में भी नहीं बिकेगा।

2. कंपनी का ढाँचा: प्रोप्राइटरशिप, पार्टनरशिप, LLP या Pvt Ltd

अकेले छोटा काम है तो प्रोप्राइटरशिप सबसे आसान है, आपका PAN ही कारोबार का PAN। पर इसमें कारोबार का कर्ज़ आपका निजी कर्ज़ है।

  • पार्टनरशिप फर्म: दो या ज़्यादा लोग, लिखित पार्टनरशिप डीड ज़रूर बनवाएँ।
  • LLP: पार्टनरशिप जैसा लचीलापन, पर पार्टनरों की ज़िम्मेदारी उनकी तय हिस्सेदारी तक सीमित रहती है।
  • प्राइवेट लिमिटेड कंपनी: निवेशक से पैसा लेना हो तो ठीक, पर ऑडिट और ROC फाइलिंग का खर्च साथ आता है।

अकेले होकर भी कंपनी चाहिए तो वन पर्सन कंपनी (OPC) का विकल्प है।

3. Udyam रजिस्ट्रेशन: मुफ्त है, एजेंट को पैसा मत दीजिए

MSME का Udyam रजिस्ट्रेशन बैंक लोन और कई सरकारी योजनाओं का दरवाज़ा है। यह udyamregistration.gov.in पर होता है और पोर्टल खुद लिखता है कि रजिस्ट्रेशन पूरी तरह मुफ्त है।

प्रोप्राइटर के लिए आधार नंबर काफी है, कोई कागज़ अपलोड नहीं करना पड़ता। कंपनी या LLP के लिए PAN और GSTIN भी लगते हैं। 1 अप्रैल 2025 से सूक्ष्म उद्यम की सीमा बढ़कर ₹2.5 करोड़ निवेश और ₹10 करोड़ टर्नओवर हो गई है। मिलती-जुलती निजी वेबसाइटें फीस माँगती हैं, पता ध्यान से देखें।

 


फोटो: शुरुआती तीन कदम: जाँच, ढाँचा और रजिस्ट्रेशन (img2_setup.png)

4. GST: कब ज़रूरी, कब नहीं

पहले दिन GST नंबर ज़रूरी नहीं। सामान बेचने वालों के लिए आम राज्यों में सालाना टर्नओवर ₹40 लाख पार होने पर और सेवा देने वालों के लिए ₹20 लाख पार होने पर रजिस्ट्रेशन ज़रूरी होता है। पूर्वोत्तर और कुछ पहाड़ी राज्यों में सीमा कम है।

दूसरे राज्य में सामान बेचने जैसे मामलों में कम टर्नओवर पर भी GST लेना पड़ता है। छोटे व्यापारियों के लिए कंपोज़िशन स्कीम भी है। 22 सितंबर 2025 से GST की दरें भी बदली हैं, अपने सामान की नई दर देख लें।

5. अलग करंट अकाउंट और नकदी का हिसाब

दुकान की कमाई और घर का राशन एक ही खाते से चलें तो साल के अंत में पता ही नहीं चलता कि धंधे में मुनाफा हुआ या नुकसान। कारोबार के नाम पर अलग करंट अकाउंट खोलिए, हर बिक्री और खरीद उसी से कीजिए और खुद को हर महीने तय रकम 'तनख्वाह' की तरह निकालिए।

वर्किंग कैपिटल: मुनाफा कागज़ पर, पैसा बाज़ार में

बहुत से कारोबार घाटे से नहीं, नकदी की कमी से बंद होते हैं। माल बिक गया, पैसा 60 दिन बाद आएगा, पर किराया और वेतन अभी देना है।

कम से कम तीन से छह महीने का चालू खर्च अलग रखिए। उधार की बिक्री की सीमा तय कीजिए।

6. कीमत असली लागत देखकर तय करें

पड़ोसी की दुकान देखकर दाम रखेंगे तो बिक्री होगी, पर हाथ में कुछ नहीं बचेगा। कीमत तय करने से पहले पूरी लागत जोड़िए: कच्चा माल, किराया, बिजली, पैकिंग, डिलीवरी, कर्मचारी, लोन की किस्त, टूट-फूट और आपका अपना समय।

ऑनलाइन बेच रहे हैं तो प्लेटफॉर्म का कमीशन भी जोड़िए।

 


फोटो: पैसे का गणित: शुरुआती खर्च बनाम चालू खर्च (img3_money.png)

7. डिजिटल पहचान: Google और WhatsApp पर दिखिए

ग्राहक अब दुकान मोबाइल पर खोजता है। Google Business Profile पर अपना कारोबार मुफ्त में जोड़िए: सही पता, फोन नंबर, खुलने का समय और कुछ अच्छी फोटो डालिए।

WhatsApp Business ऐप भी मुफ्त है, कैटलॉग और ऑटो रिप्लाई के साथ।

8. सरकारी योजनाएँ: मुद्रा, PMEGP और उद्यम क्रांति

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में बिना गारंटी के लोन चार श्रेणियों में मिलता है: शिशु (₹50,000 तक), किशोर (₹5 लाख तक), तरुण (₹10 लाख तक) और तरुण प्लस (₹20 लाख तक)। तरुण प्लस सिर्फ उन्हें मिलता है जो पहले तरुण श्रेणी का लोन लेकर समय पर चुका चुके हैं। आवेदन बैंक या udyamimitra.in से।

PMEGP में नए उद्यम पर सब्सिडी (मार्जिन मनी) मिलती है। प्रोजेक्ट मैन्युफैक्चरिंग में ₹25 लाख और सर्विस में ₹10 लाख तक। सामान्य वर्ग को शहर में 15% और गाँव में 25% सब्सिडी मिलती है, विशेष वर्ग (SC, ST, OBC, महिला आदि) को शहर में 25% और गाँव में 35%। अपना अंशदान 10% (विशेष वर्ग 5%)।

मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में 18 से 40 साल के, कम से कम 12वीं पास, मध्यप्रदेश के मूल निवासी युवाओं को मैन्युफैक्चरिंग के लिए ₹1 से 50 लाख और सेवा या व्यापार के लिए ₹1 से 25 लाख तक का लोन मिल सकता है। सरकार 7 साल तक 3% सालाना ब्याज अनुदान और CGTMSE गारंटी फीस देती है। परिवार की आय ₹12 लाख तक हो। आवेदन samast.mponline.gov.in पर।

 


फोटो: मुद्रा, PMEGP, उद्यम क्रांति और Udyam: चार बड़े सहारे (img4_schemes.png)

“पहले मैंने सोचा था सीधे बड़ी दुकान लूँगा। दोस्त ने कहा पहले घर से बेचकर देखो। तीन महीने में समझ आ गया कि कौन सा सामान चलता है और कौन सा नहीं।”

अंकित साहू, रेडीमेड कपड़ा व्यापारी, इंदौर

 

9. कंप्लायंस कैलेंडर बनाइए, जुर्माने से बचिए

GST में मासिक रिटर्न वालों के लिए GSTR-1 अगले महीने की 11 तारीख और GSTR-3B 20 तारीख तक भरना होता है। ₹5 करोड़ तक टर्नओवर वाले QRMP स्कीम लेकर तिमाही रिटर्न भर सकते हैं, पर टैक्स हर महीने जमा करना होता है। देरी पर रोज़ाना लेट फीस लगती है।

इनकम टैक्स में बिना ऑडिट वाले कारोबारी (ITR-3, ITR-4) के लिए AY 2026-27 से आखिरी तारीख 31 अगस्त है, ऑडिट वालों के लिए 31 अक्टूबर। मध्यप्रदेश में दुकान एवं स्थापना कानून के दिसंबर 2025 के संशोधन के बाद पंजीयन श्रम विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन है। लागू होने के 30 दिन में आवेदन और बदलाव पर 7 दिन में अपडेट ज़रूरी है। ये तारीखें फोन कैलेंडर में डाल दीजिए।

10. फर्जी लोन एजेंट और एडवांस फीस से बचिए

आखिरी बात, पर सबसे ज़रूरी। 'आपका मुद्रा लोन पास हो गया है, बस प्रोसेसिंग फीस भेज दीजिए' जैसे व्हाट्सऐप संदेश और फोन कॉल ठगी का आम तरीका हैं। PIB फैक्ट चेक साफ कर चुका है कि मुद्रा कोई एजेंट नियुक्त नहीं करता।

  • लोन सिर्फ बैंक, NBFC या माइक्रोफाइनेंस संस्था की शाखा या उनके आधिकारिक पोर्टल से लीजिए।
  • लोन पास कराने के नाम पर एडवांस फीस माँगी जाए तो समझिए ठगी है।
  • ठगी हो जाए तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।

“नए कारोबारी कागज़ी काम को बाद के लिए टाल देते हैं। शुरू से अलग खाता और साफ हिसाब रखिए, लोन लेते समय और टैक्स भरते समय यही सबसे ज़्यादा काम आता है।”

मनीष गुप्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट, भोपाल

 

आज ही कर लें ये 5 काम

  1. जिस इलाके में काम शुरू करना है, वहाँ दो हफ्ते ग्राहकों और दुकानदारों से बात करके मार्केट समझें।
  2. सिर्फ udyamregistration.gov.in पर मुफ्त Udyam रजिस्ट्रेशन कराएँ।
  3. कारोबार के लिए अलग करंट अकाउंट खोलें और तीन से छह महीने का खर्च अलग रखें।
  4. Google Business Profile और WhatsApp Business पर अपना कारोबार जोड़ें।
  5. GST, ITR और दुकान पंजीयन की तारीखें फोन कैलेंडर में डालें, और लोन के लिए किसी एजेंट को एडवांस न दें।

 


फोटो: आज ही करें ये 5 काम: नए कारोबारी की चेकलिस्ट (img5_checklist.png)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न: क्या Udyam रजिस्ट्रेशन के लिए कोई फीस लगती है?

उत्तर: नहीं। सरकारी पोर्टल udyamregistration.gov.in पर यह पूरी तरह मुफ्त है।

प्रश्न: मेरा टर्नओवर ₹15 लाख है, क्या GST नंबर ज़रूरी है?

उत्तर: आम तौर पर नहीं, अगर आप सिर्फ अपने राज्य में सामान या सेवा बेचते हैं। दूसरे राज्य में सामान बेचने या कुछ ई-कॉमर्स बिक्री जैसे मामलों में कम टर्नओवर पर भी GST लेना पड़ सकता है।

प्रश्न: मुद्रा तरुण प्लस का ₹20 लाख लोन किसे मिलता है?

उत्तर: उन कारोबारियों को जो पहले तरुण श्रेणी का लोन ले चुके हैं और उसे सफलतापूर्वक चुका चुके हैं।

प्रश्न: PMEGP की सब्सिडी कैसे मिलती है?

उत्तर: सब्सिडी मार्जिन मनी के रूप में बैंक में 3 साल की सावधि जमा (TDR) में रखी जाती है।

प्रश्न: उद्यम क्रांति योजना में उम्र की सीमा क्या है?

उत्तर: आवेदन के दिन उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए और आवेदक कम से कम 12वीं पास और मध्यप्रदेश का मूल निवासी हो।

प्रश्न: कोई लोन पास कराने के बदले फीस माँगे तो क्या करें?

उत्तर: पैसा न भेजें। सीधे बैंक शाखा से पुष्टि करें। पैसा चला गया हो तो 1930 पर कॉल करें।

यह जानकारी 30 सितंबर 2026 तक उपलब्ध सरकारी पोर्टलों, योजना दिशानिर्देशों और प्रमुख मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। योजनाओं की शर्तें और सीमाएँ बदल सकती हैं, इसलिए आवेदन से पहले संबंधित बैंक, ज़िला उद्योग केंद्र या आधिकारिक पोर्टल से पुष्टि कर लें।