केसली के सरकारी स्कूलों ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में रचा इतिहास, निजी स्कूलों को छोड़ा पीछे
मध्य प्रदेश के सागर जिले के केसली तहसील के सरकारी स्कूलों ने इस वर्ष की 10वीं बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर निजी स्कूलों को पीछे छोड़ दिया है। शासकीय हाईस्कूल चौका ने शत-प्रतिशत (100%) परिणाम के साथ नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जबकि शासकीय हाईस्कूल जैतपुर डोमा ने भी अपनी सफलता की परंपरा को बरकरार रखा है।
शासकीय हाईस्कूल चौका: सीमित संसाधनों पर भारी पड़ी मेहनत
ग्रामीण परिवेश और सीमित संसाधनों के बावजूद, शासकीय हाईस्कूल चौका के विद्यार्थियों ने दिखा दिया कि मजबूत इरादों से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
- प्रथम स्थान: छात्रा छोटी बाई काछी ने 96.8% अंक प्राप्त किए।
- द्वितीय स्थान: छात्रा दुर्गा गौड़ ने 92.6% अंक प्राप्त किए।
- तृतीय स्थान: छात्रा चाहत प्यासी ने 89.8% अंक प्राप्त किए।
प्रभारी प्राचार्य शिवराज सिंह ने इस सफलता का श्रेय अपनी शिक्षक टीम को दिया, जिसमें द्वारका प्रसाद लोधी, विजय तिवारी, श्रीमती कल्पना जैन, अभिनव फौजदार और नीलेश नामदेव का विशेष योगदान रहा।
शासकीय हाईस्कूल जैतपुर डोमा: 16 वर्षों से सफलता का सिलसिला जारी
जैतपुर डोमा स्कूल ने इस साल 99% परीक्षा परिणाम दिया और अपनी गौरवशाली परंपरा को जारी रखा है।
- सपना लोधी: 95% अंकों के साथ प्रथम स्थान। सपना का चयन संभागीय ओलंपियाड (विज्ञान) के लिए अहमदाबाद यात्रा हेतु हुआ है।
- प्रतीक्षा गोस्वामी: 90.6% अंकों के साथ द्वितीय स्थान।
- शीतल गौड़: 90.4% अंकों के साथ तृतीय स्थान।
विद्यालय के कुल 91 छात्रों में से 90 सफल रहे, जिनमें 65 ने प्रथम श्रेणी, 21 ने द्वितीय श्रेणी और 4 ने तृतीय श्रेणी प्राप्त की। प्राचार्य श्री लखन सिंह ठाकुर और उनकी टीम ने इस सफलता का जश्न मिठाई खिलाकर मनाया।
अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणा
केसली ब्लॉक के इन स्कूलों की सफलता ने साबित कर दिया है कि सही दिशा और समर्पण के साथ सरकारी स्कूलों में भी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा संभव है। ये परिणाम अन्य ग्रामीण विद्यालयों के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गए हैं।
“मेहनत और समर्पण के बल पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।” — केसली के सफल शिक्षकों का साझा संदेश।

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