प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ भारत माता, प०दीनदयाल जी उपाध्याय , राष्ट्र ऋषि दत्तोपंत ठेंगड़ी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ हुआ।

उद्घाटन सत्र में  स्वदेशी कि विकास यात्रा विषय पर श्री केशव जी दुबोलिया ३ क्षेत्रीय संगठक ने विस्तार से बताया कि स्वदेशी जागरण मंच कि विकास यात्रा है यह ना कि स्वदेशी कि, स्वदेशी शब्द बंग भंग आंदोलन बंगाल  १९०५ से प्रारंभ हुआ जिसने भारतीय को संगठित कर अंग्रेजों को हिला कर रख दिया, आज हम सबको पुनः स्वदेशी राह पर चल कर भारत को आर्थिक रूप से मजबूत करना होगा, उसके लिए हम सभी को स्व के भाव का जागरण करना होगा। हमें हमारी शक्ति को पहचानना होगा। भारत सोने कि चिड़िया था और शेर बनकर रहना होगा।

इसी सत्र में प्रांत के संयोजक श्री श्रीकांत जी बुधौलिया ने बताया कि यह विचार वर्ग सुबह २३ मई २४ मई तक चलना है १६,जिलों के कार्यकर्ता उपस्थित रहने वाले हैं।

उद्घाटन सत्र में श्री साकेत जी राठौड़ अखिल भारतीय सह मेला प्रमुख, श्री आर पी महेश्वरी जी क्षेत्रीय कोष प्रमुख, श्रीमति सीमा भारद्वाज जी प्रांत महिला कार्य प्रमुख, श्री प्रमोद जी दुबे प्रांत प्रचार प्रमुख मंचासीन रहे।

इस अवसर पर क्षेत्रीय विचार प्रमुख श्री अरुशेंद्र जी शर्मा एवं हरिओम वर्मा भी उपस्थित।

द्वितीय सत्र में हरिओम वर्मा क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख ने बताया  प्रचार समाज परिवर्तन, राष्ट्रीय निर्माण, विचार जागरण ,ओर जन चेतना का सबसे शक्तिशाली साधन हैं।

श्री आरपी माहेश्वरी जी क्षेत्रीय कोष प्रमुख ने कहा हम कोई भी कार्य हमारे लिए नहीं कर रहे हैं समाज समाज निर्माण से राष्ट्र निर्माण का कार्य हम कर रहे हैं इस कार्य में हमें धन की आवश्यकता होती है तो धन राष्ट्रीय विकास के लिए अति आवश्यक है। 

आप के साथ श्री साकेत जी राठौड़ ने स्वदेशी मेला, स्वर्णिम भारत फाउंडेशन विषय पर  विस्तार से बताया"स्वदेशी जागरण मंच के जब छोटे-छोटे कार्यकर्ता जब एक समूह का रूप ले लेंगे तो हम राष्ट्र की बड़े से बड़ी समस्या का अंत कर सकते हैं जिस प्रकार हम प्रकाश पुंज को एक लेंस में संग्रह कर उससे अग्नि प्रज्वलित कर देते हैं।

इसी प्रकार हमारे जो प्रशिक्षण वर्ग जिला प्रांत के प्रशिक्षण वर्ग हो रहे हैं उसमें कार्यकर्ता प्रशिक्षित हो रहे हैं और राष्ट्र की सभी समस्याओं का अंत इसमें समाहित है

१६जिलो के-----के कार्यकताओं के पंजीयन हुए।