रतलाम जिले की जावरा नगर पालिका में पिछले दो दिनों से लगातार विरोध और धरना प्रदर्शनों का दौर जारी है। मंगलवार, 10 फरवरी को भाजपा के पार्षद और नेता धरने पर बैठे, जबकि बुधवार, 11 फरवरी को नगर पालिका के कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी विरोध में शामिल हो गए।
विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप
भाजपा पार्षदों का आरोप है कि वार्डों में विकास कार्य समान रूप से नहीं किए जा रहे हैं, और उनमें भेदभाव किया जा रहा है। विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय के निर्देशों का भी नगर पालिका में कोई असर नहीं हो रहा है, जिससे नाराजगी बढ़ गई है।
वेतन को लेकर अधिकारियों का धरना
नगर पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बुधवार को मुख्य नगर पालिका अधिकारी के चेंबर के सामने धरना दिया। उनका कहना है कि समय पर वेतन नहीं मिल रहा है, जिसके चलते उनका आक्रोश बढ़ गया है। उन्होंने "हम अपना अधिकार मांगते, भीख नहीं" जैसे नारे भी लगाए।
समाधान की कोशिशें
दो दिवसीय विरोध प्रदर्शनों ने नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिए चिंता की स्थिति पैदा कर दी है। इसके चलते, अब सत्ता पक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी के बीच समन्वय स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी राहुल शर्मा ने धरना स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि एक-दो दिन में वेतन का भुगतान हो जाएगा। उन्होंने बताया कि चूंगी क्षतिपूर्ति राशि में कमी के कारण वेतन में देरी हो रही है। उनके आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने धरना समाप्त कर दिया।
निष्कर्ष
यह विरोध प्रदर्शन जावरा नगर पालिका में प्रशासनिक चुनौतियों को उजागर करता है। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच संवाद और समाधान की आवश्यकता है ताकि नगर पालिका का संचालन सुचारू रूप से हो सके।
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