आमला। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन आमला नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 6 की स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। वार्ड स्थित बेसिक स्कूल के पीछे पिछले कई दिनों से कचरे का बड़ा ढेर जमा है, जिससे क्षेत्र में गंदगी, बदबू और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार कचरे का नियमित उठाव नहीं होने से यह स्थान धीरे-धीरे अस्थायी डंपिंग ग्राउंड में तब्दील हो गया है। चारों ओर फैली गंदगी के कारण रहवासियों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। गर्मी और बारिश के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि कचरे से उठने वाली दुर्गंध लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
*मच्छर-मक्खियों का बढ़ा प्रकोप*
रहवासियों का कहना है कि कचरे के ढेर के कारण मच्छर, मक्खियां और आवारा पशु बड़ी संख्या में जमा रहते हैं। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्कूल के आसपास रहने वाले बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ रहा है।
*शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई*
क्षेत्रवासियों ने बताया कि कई बार नगर पालिका प्रशासन को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। नागरिकों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
*उठ रहे हैं कई सवाल*
स्वच्छ भारत मिशन और नगर पालिका के स्वच्छता अभियानों के बीच वार्ड क्रमांक 6 की यह तस्वीर कई सवाल खड़े करती है—
क्या सफाई व्यवस्था केवल कागजों में संचालित हो रही है?
स्वच्छता के लिए मिलने वाला बजट आखिर खर्च कहां हो रहा है?
नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही क्यों नहीं दिखाई दे रही?
जनता की शिकायतों पर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है?
*जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी*
क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका से तत्काल कचरे का उठाव कराने, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे जनआंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
*वार्ड क्रमांक 6 में फैली गंदगी ने एक बार फिर स्वच्छता व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी है। अब देखना यह होगा कि नगर पालिका प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक कार्रवाई करता है और क्षेत्रवासियों को राहत मिलती है या नहीं।*
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