त्योहारों के पावन अवसर पर आम नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। इसी कड़ी में कटनी जिले में खाद्य पदार्थों की शुद्धता और गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा एक सघन जांच अभियान का शुभारंभ किया गया है। कटनी जिले के कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के सख्त निर्देशों के अनुपालन में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम लगातार शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में सक्रिय रूप से निरीक्षण कर रही है। इस विशेष अभियान के तहत कटनी, माधवनगर, बरही और ढीमरखेड़ा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में स्थित मिठाई दुकानों, खोया भंडारों, दूध डेयरी और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए खाद्य सामग्री के नमूने (सैंपल) संग्रहित किए जा रहे हैं, ताकि त्योहारी सीजन में किसी भी प्रकार की मिलावटखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा की गई कार्रवाई और नमूना संग्रहण प्रक्रिया
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस विशेष अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न प्रतिष्ठित और सामान्य खाद्य प्रतिष्ठानों से अलग-अलग खाद्य पदार्थों के सैंपल जुटाए गए हैं। संग्रहित किए गए सभी नमूनों को निर्धारित और सुरक्षित प्रक्रिया के तहत राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला से जब इन नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होगी, तो उसके आधार पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का आंकलन किया जाएगा। यदि जांच के दौरान कोई भी खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, या उसमें किसी भी प्रकार की मिलावट या कमी पाई जाती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के संचालकों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस सख्त कार्यशैली से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।
मिठाई और दुग्ध उत्पादों पर प्रशासनिक टीम की विशेष नजर
त्योहारी सीजन में मिठाइयों, खोए और दूध से बने उत्पादों की मांग में भारी उछाल आ जाता है, जिसका फायदा अक्सर असामाजिक तत्व मिलावट करके उठाने की कोशिश करते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए कटनी जिले में विशेष रूप से मिठाई और दुग्ध उत्पादों की जांच पर जोर दिया गया है। अभियान के दौरान विभाग की टीम ने विभिन्न प्रसिद्ध प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया:
-
बरही क्षेत्र के प्रतिष्ठान: टीम ने बरही स्थित सिद्धि विनायक स्वीट्स का निरीक्षण किया और वहां से ग्राहकों को बेचे जाने वाले मगज लड्डू एवं मिल्क केक के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए।
-
माधवनगर के प्रमुख प्रतिष्ठान: माधवनगर क्षेत्र में स्थित साक्षी स्वीट्स से काजू कतली, कलाकंद और खोया के सैंपल लिए गए। इसके साथ ही, इसी क्षेत्र के बॉम्बे स्वीट्स से भी काजू कतली, कलाकंद और शुद्ध खोया के नमूने संग्रहित किए गए।
-
कटनी खोवा मंडी के प्रतिष्ठान: कटनी की मुख्य खोवा मंडी में स्थित महावीर खोवा भंडार और मुन्ना खोवा भंडार की दुकानों की बारीकी से जांच की गई। यहां से खोया, मिल्क केक, शुद्ध घी, कलाकंद और पनीर के महत्वपूर्ण नमूने लिए गए।
-
अन्य प्रमुख प्रतिष्ठान: सिल्वर टॉकीज के पास स्थित गुप्ता खोया भंडार से घी, खोया और पनीर के सैंपल लिए गए। इसके अलावा महावीर दूध भंडार से शुद्ध घी, कुंदा पेड़ा और नारियल बर्फी के नमूने संकलित किए गए ताकि उनकी शुद्धता की परख की जा सके।
ग्रामीण अंचलों तक फैला खाद्य सुरक्षा जांच का दायरा
यह जांच अभियान केवल कटनी शहरी इलाकों तक ही सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम लगातार सक्रिय रूप से पहुंच रही है। ग्रामीण अंचलों में भी त्योहारों के दौरान बिकने वाली खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। बरही के सिद्धिविनायक होटल से विशेष रूप से मगज लड्डू और मिल्क केक के नमूने लिए गए, वहीं दूसरी ओर ढीमरखेड़ा क्षेत्र से रसगुल्ला और सोनपापड़ी के सैंपल संकलित किए गए हैं। इन सभी ग्रामीण और शहरी प्रतिष्ठानों से एकत्रित किए गए नमूनों को मुस्तैदी के साथ राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा जा रहा है, ताकि मिलावट करने वालों पर समय रहते कानूनी शिकंजा कसा जा सके।
दुकानदारों को स्वच्छता, सुरक्षा और गुणवत्ता बनाए रखने के कड़े निर्देश
निरीक्षण कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने तमाम खाद्य प्रतिष्ठान संचालकों और दुकानदारों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि वे मिठाई एवं अन्य खाद्य सामग्रियों के निर्माण के समय साफ-सफाई और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में केवल उच्च गुणवत्ता वाले और सुरक्षित कच्चे माल का ही उपयोग किया जाना चाहिए। साथ ही, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित रख-रखाव के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए ताकि वे दूषित न हों। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि त्योहारी सीजन के दौरान नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी नियमानुसार कठोर कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री ओपी साहू ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिले भर से संकलित किए गए सभी नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट प्राप्त होते ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का तकनीकी परीक्षण किया जाएगा। यदि किसी भी नमूने में निर्धारित खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों का खुला उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित दोषी के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के सुसंगत प्रावधानों के तहत कड़े कदम उठाते हुए नियमानुसार न्यायालयीन कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के कुशल निर्देशन में खाद्य सुरक्षा विभाग का यह सघन और व्यापक अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। इस संपूर्ण अभियान का मूल उद्देश्य यही है कि त्योहारी पावन अवसर पर जिले के समस्त नागरिकों को पूरी तरह से शुद्ध, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री सुगमता से प्राप्त हो सके और बाजार में पनपने वाले मिलावटखोरी के अवैध कारोबार पर प्रभावी रूप से अंकुश लगाया जा सके।
image source : https://katni.mpinfo.org
Continue With Google
Comments (0)