विदिशा जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है। इसी क्रम में हाल ही में विदिशा कलेक्ट्रेट कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता विदिशा जिले के कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने की। बैठक का मुख्य एजेंडा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (सीएम हेल्पलाइन) के माध्यम से प्राप्त होने वाले लंबित आवेदनों और शिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करना था। कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि विदिशा जिले में सीएम हेल्पलाइन से जुड़ी नॉन-अटेंडेंट शिकायतों की संख्या पूरी तरह से शून्य होनी चाहिए।

समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु और प्रशासनिक निर्देश

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने बैठक के दौरान सभी संबंधित जिला अधिकारियों को चेताया कि जनहित के मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासनिक कसावट लाने और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए निम्नलिखित प्रमुख निर्देश दिए गए हैं:

  • नॉन-अटेंडेंट शिकायतों का पूर्ण खात्मा: कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पोर्टल पर प्राप्त होने वाली किसी भी शिकायत को बिना अटेंड किए न छोड़ा जाए। नॉन-अटेंडेंट शिकायतों का आंकड़ा हर हाल में शून्य होना चाहिए।

  • एल-1 और एल-2 स्तर पर सूक्ष्म परीक्षण: सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर एल-1 स्तर के अधिकारियों द्वारा शिकायतों के संबंध में जो जवाब दाखिल किए जाते हैं, उनका एल-2 स्तर के अधिकारियों द्वारा बारीकी से परीक्षण किया जाना अनिवार्य है।

  • तथ्यों पर आधारित हो जवाब: अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पोर्टल पर केवल औपचारिकता निभाने के लिए जवाब दर्ज न किए जाएं। प्रस्तुत किया जाने वाला जवाब पूरी तरह से तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और शिकायत के वास्तविक समाधान को दर्शाने वाला होना चाहिए।

  • दैनिक पोर्टल अवलोकन: संबंधित विभागों के अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन पोर्टल का प्रतिदिन नियमित रूप से अवलोकन करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि नई शिकायतों की जानकारी तुरंत मिल सके।

  • शिकायतकर्ता से त्वरित संवाद: विभाग से संबंधित कोई भी शिकायत प्राप्त होने पर अधिकारी उसी दिन शिकायतकर्ता द्वारा पोर्टल पर दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क करें, उनकी समस्या को समझें और समाधान की दिशा में तुरंत कदम उठाएं।

नागरिकों की संतुष्टि और जवाबदेही पर विशेष फोकस

बैठक में आगे चर्चा करते हुए कलेक्टर श्री गुप्ता ने जोर देकर कहा कि आम जनता की समस्याओं का समय पर निराकरण करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा और जवाबदेही के साथ निभानी होगी।

  • कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति: अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि आम नागरिकों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न काटने पड़ें। संबंधित विभाग अपने स्तर पर ही त्वरित कार्रवाई कर मामले का निपटारा करें।

  • अनावश्यक रूप से अगले स्तर पर न जाएं शिकायतें: लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाए ताकि उनकी स्थिति पर पैनी नजर रखी जा सके और शिकायतें बिना वजह उच्च स्तर तक न पहुंचें।

  • कार्यप्रणाली का हिस्सा बने मॉनिटरिंग: सीएम हेल्पलाइन की मॉनिटरिंग को अधिकारियों को अपनी दैनिक कार्यप्रणाली का एक अहम हिस्सा बनाना होगा, जिससे शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित हो सके।

इस प्रकार, विदिशा जिले में प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जनहित के मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आमजन को शासन की योजनाओं और सेवाओं का सुगमता से लाभ मिल सके और उनकी समस्याओं का समय पर संतोषजनक समाधान हो सके।

image source : https://vidisha.mpinfo.org