भारत की आगामी जनगणना प्रक्रिया और उससे जुड़े प्रशासनिक कार्यों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां अब तेजी से आगे बढ़ने लगी हैं। इसी महत्वपूर्ण सिलसिले में मध्य प्रदेश के सतना जिले में जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (डीसीएमबी) 2027 के अंतर्गत आंकड़ा संग्रहण (डाटा कलेक्शन) के कार्य को तेज गति देने तथा इसकी समग्र प्रगति में सुधार लाने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला सोमवार को स्थानीय कार्यालय कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी, सतना के सभागार में संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी जनगणना हस्तपुस्तिका तैयार करने की दिशा में अब तक हुई प्रगति की गहन समीक्षा करना और आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर करते हुए एक प्रभावी आगामी कार्ययोजना तैयार करना था।
कार्यशाला में विशेष अतिथियों और अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
सतना कलेक्ट्रेट में आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण एवं समीक्षा कार्यशाला की महत्ता को देखते हुए इसमें शासन और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला में संयुक्त संचालक, संयुक्त संचालनालय जनगणना कार्य, निदेशालय भोपाल के श्री रामऔतार पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने अधिकारियों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया। इसके अलावा बैठक में प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलेक्टर, अतिरिक्त प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं नगर निगम आयुक्त, तथा जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर कलेक्टर सहित सतना जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी (SDO) भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जिले के तमाम मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) भी इस बैठक में प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुए, जबकि जिले के समस्त तहसीलों के तहसीलदार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से ऑनलाइन माध्यम से इस कार्यशाला से जुड़े रहे।
आंकड़ा संग्रहण की प्रगति और तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान जिला जनगणना हस्तपुस्तिका के तहत चल रहे आंकड़ा संग्रहण कार्य की वर्तमान स्थिति की एक-एक बिंदु पर समीक्षा की गई। प्रशिक्षण सत्र के दौरान आगामी जनगणना कार्यों की महत्ता को भली-भांति ध्यान में रखते हुए आंकड़ों की गुणवत्ता से जुड़े चार प्रमुख आधारों—शुद्धता, विश्वसनीयता, पूर्णता और समयबद्धता—को सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने प्रशासनिक क्षेत्रों के अंतर्गत आंकड़ा संग्रहण के कार्य की लगातार और नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें। साथ ही, मैदानी स्तर पर प्रगति में यदि किसी प्रकार की बाधा या समस्या उत्पन्न होती है, तो उसका तत्काल और समय पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि संपूर्ण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का विलंब न हो।
अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देश तथा प्रशिक्षण
प्रशासनिक दक्षता को और अधिक मजबूत करने के लिए बैठक में उपस्थित सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपसी समन्वय (कोऑर्डिनेशन) के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। सभी को यह ताकीद किया गया कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने सौंपे गए दायित्वों को पूरी तरह से पूर्ण करें। बैठक के दौरान विशेष रूप से उपस्थित कर्मचारियों जैसे रितिक बर्मन, अनुराग सिंह बघेल एवं अखिल सिंह बघेल सहित संपूर्ण संबंधित प्रशासनिक अमले को कार्य की तकनीकी प्रक्रिया, सॉफ्टवेयर या डेटा प्रविष्टि के बिंदुओं और अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं के संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण तथा विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया, ताकि डेटा कलेक्शन में किसी भी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश न रहे।
कार्यशाला का समापन और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने का आह्वान
कार्यशाला के अंतिम चरण में सभी उपस्थित अधिकारियों, प्रभारियों और मैदानी कर्मचारियों को जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (DCMB) तैयार करने में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि यह कार्य राष्ट्रीय महत्व का है, इसलिए इसमें पूरी गंभीरता, उच्च गुणवत्ता और पूर्ण उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। कार्यशाला के अंत में सभी अधिकारियों ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ यह आश्वासन दिया कि वे आगामी जनगणना संबंधी सभी कार्यों को पूरी तरह से सुचिता, त्रुटिरहित और समयबद्ध तरीके से संपादित करेंगे। इस प्रकार यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
image source : https://satna.mpinfo.org
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