मैहर। मैहर जिला प्रशासन ने जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुँचाने के लिए एक विशेष पहल की है। कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी की अध्यक्षता में आयोजित समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में 12 से 18 जून तक तीन दिवसीय 'जनकल्याण शिविरों' का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि इन शिविरों में सभी विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य है ताकि मौके पर ही विभागीय गतिविधियों का संचालन और हितग्राहियों को लाभ स्वीकृत किया जा सके।

जनकल्याण शिविर: नोडल अधिकारी और व्यवस्थाएं कलेक्टर श्रीमती मुखर्जी ने जनकल्याण शिविरों की सफलता के लिए प्रशासनिक जिम्मेदारी तय कर दी है। शिविरों के सुचारू संचालन के लिए संबंधित विकासखंड के एसडीएम को 'नोडल अधिकारी' नियुक्त किया गया है, जबकि जनपद पंचायत के सीईओ और नगर पालिका के सीएमओ को 'सहायक नोडल अधिकारी' की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इन शिविरों के लिए कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए हैं:

  • विभागीय स्टाल: सभी संबंधित विभागीय अधिकारी शिविरों में अपने स्टाल विधिवत रूप से लगाएंगे।

  • त्वरित निराकरण: शिविरों में प्राप्त आवेदनों का त्वरित निस्तारण कर उन्हें पोर्टल पर तुरंत अपलोड करना सुनिश्चित किया जाएगा।

  • बुनियादी सुविधाएं: शिविर स्थल पर आने वाले हितग्राहियों के लिए छाया, शुद्ध पेयजल और स्वच्छता की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • रिपोर्टिंग: प्रत्येक दिन शिविर में प्राप्त आवेदनों और उनके निराकरण के आंकड़ों को फोटोग्राफ्स के साथ अपर कलेक्टर मैहर को उपलब्ध कराना होगा।

सीएम हेल्पलाइन और विभागीय लक्ष्य समीक्षा बैठक में सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। वर्तमान में जिले में कुल 6657 प्रकरण लंबित पाए गए, जिनकी संतुष्टिपूर्ण निराकरण की दर केवल 35.94 प्रतिशत रही। कलेक्टर ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि भविष्य में संतुष्टिपूर्ण निराकरण का प्रतिशत हर हाल में 55 प्रतिशत से ऊपर रखा जाए। इसके अतिरिक्त, स्वरोजगार योजनाओं की गति बढ़ाने और समग्र केवायसी के कार्य को तेजी से पूर्ण करने के आदेश दिए गए। उल्लेखनीय है कि मैहर जिले में अभी तक समग्र केवायसी का कार्य केवल 74.28 प्रतिशत ही पूरा हुआ है।

खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष निगरानी कलेक्टर ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे एक समर्पित 'फूड सेफ्टी दल' का गठन करें। यह दल दूध, दूध से बने खाद्य पदार्थों, सब्जियों एवं फलों को पकाने में उपयोग किए जा रहे कीटनाशकों की सघन जांच करेगा। कलेक्टर ने कहा कि खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में प्रभावी और बड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि आम नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो।

कृषि, मत्स्य पालन और खरीफ की तैयारियां आगामी खरीफ सीजन के संबंध में बैठक में विस्तृत जानकारी दी गई:

  • लक्ष्य: मैहर जिले में खरीफ सीजन के लिए 1 लाख 7 हजार 711 हेक्टेयर भूमि में बुआई का लक्ष्य रखा गया है।

  • जायद फसलें: वर्तमान में 850 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन जायद फसलें बोई गई हैं।

  • कार्यशालाएं: 19 और 20 जून को मैहर जिले के अमरपाटन, रामनगर और मैहर में कृषि कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।

  • मत्स्य पालन: सहायक संचालक मत्स्य को केज कल्चर और मत्स्य पालन की योजनाओं में विशेष प्रगति लाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और अन्य निर्देश बैठक के दौरान बताया गया कि 21 जून को 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' का जिला स्तरीय कार्यक्रम संदीपनि विद्यालय, मैहर के हॉल में आयोजित होगा, जिसमें सभी अधिकारी और कर्मचारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। साथ ही, जिले में प्रभारी मंत्री के संभावित भ्रमण के दौरान उनके शासकीय कार्यक्रमों में प्रत्येक जिला अधिकारी की उपस्थिति को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

निष्कर्ष मैहर जिला प्रशासन का यह रुख स्पष्ट है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहकर सीधे आमजन तक पहुँचे। इन शिविरों के माध्यम से प्रशासन ने एक ओर जहाँ योजनाओं के प्रति जवाबदेही बढ़ाई है, वहीं दूसरी ओर लंबित प्रकरणों के निपटान के लिए सख्त समय-सीमा तय कर पारदर्शिता का संदेश दिया है।

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