मध्य प्रदेश के मैहर जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु जिला प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कलेक्टर मैहर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) के अंतर्गत प्राप्त होने वाली किसी भी शिकायत को 100 दिनों से अधिक समय तक लंबित न रखा जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी स्तर पर कोई भी शिकायत 'नॉन-अटेंड' स्थिति में न रहे।
बैठक का उद्देश्य और उपस्थिति
मुख्य सचिव की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान दिए गए निर्देशों के आलोक में आयोजित इस बैठक में जिले के सभी प्रमुख विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। कलेक्टर ने विभागीय गतिविधियों और विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस अवसर पर डीएफओ विद्या भूषण मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह, एसडीएम एस.पी. मिश्रा, आरती सिंह, दिव्या पटेल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला, आरटीओ संजय श्रीवास्तव, उप संचालक कृषि आशीष पाण्डेय, जिला शिक्षा अधिकारी गिरीश अग्निहोत्री, डीपीसी विष्णु त्रिपाठी, उप संचालक सामाजिक न्याय राजीव सिंह, कार्यपालन यंत्री लाजरूस केरकेट्टा, सीईओ जनपद वेदमणि मिश्रा, अशोक तिवारी, भारती दीक्षित, सीएमओ प्रिंस अग्रवाल और सुषमा मिश्रा सहित संबंधित विभाग प्रमुख उपस्थित थे।
विभागीय योजनाओं की गहन समीक्षा
कलेक्टर मैहर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के एजेंडा बिंदुओं के आधार पर विभागवार योजनाओं और कार्यक्रमों का विस्तृत अवलोकन किया। बैठक में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर विशेष चर्चा की गई:
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कृषि और ई-पोर्टल प्रगति: बैठक के दौरान फार्मर रजिस्ट्री और ई-विकास पोर्टल पर प्रगति का जायजा लिया गया। कलेक्टर ने संतोषजनक प्रगति न पाए जाने पर उप संचालक कृषि, संबंधित एसडीएम और तहसीलदारों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन महत्वपूर्ण पोर्टलों पर कार्यों की गति में तत्काल सुधार लाया जाए।
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जल गंगा संवर्धन और जल संरक्षण: मैहर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बलराम तालाब योजना के कार्यान्वयन पर चर्चा हुई। इन योजनाओं के माध्यम से भू-जल स्तर को सुधारने और जल संचय करने की दिशा में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
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प्रधानमंत्री आवास योजना: कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र हितग्राहियों को आवास का लाभ मिल सके।
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वन अधिकार और पर्यावरण: सुशासन के अंतर्गत वनाधिकार दावों का 'वन मित्र पोर्टल' पर शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही, आगामी मानसून सत्र के लिए वृक्षारोपण की कार्य योजना तैयार करने पर भी बल दिया गया। कलेक्टर ने वन विभाग और सीईओ जनपद को निर्देश दिए कि वे अधिक से अधिक संख्या में वृक्षारोपण की तैयारी करें।
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पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण: अगली टीएल (समय-सीमा) बैठक में पर्यावरण प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है, ताकि जिले में प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की जा सके।
प्रशासनिक जवाबदेही और भविष्य की रणनीति
कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि जनसुविधाओं और सीएम हेल्पलाइन जैसी संवेदनशील योजनाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गतिशीलता लाना ही जिले का प्राथमिक लक्ष्य है।
मैहर प्रशासन का यह रुख इंगित करता है कि आने वाले दिनों में शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और परिणामोन्मुखी होगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने विभाग में लंबित प्रकरणों की सूची तैयार करें और प्राथमिकता के आधार पर उनका निराकरण सुनिश्चित करें।
उपस्थित अधिकारियों ने कलेक्टर को विश्वास दिलाया कि शासन की मंशा के अनुरूप विभागीय कार्यों में सुधार किया जाएगा और निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा के भीतर प्राप्त करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। जिला प्रशासन की यह कवायद मैहर की आम जनता के लिए राहत भरा कदम साबित होगी, जिससे सरकारी तंत्र और नागरिक के बीच का विश्वास और मजबूत होगा।
Image source: https://maihar.mpinfo.org
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