डबरा। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच जहां नगर पालिका की व्यवस्थाएं पूरी तरह लचर नजर आ रही हैं, वहीं अब सामाजिक संगठन वह जिम्मेदारी निभाने को मजबूर हैं जो मूल रूप से नगर पालिका की मानी जाती है। शहर में आवारा गौवंश और बेजुबान पशु पानी के लिए भटकते नजर आ रहे हैं, लेकिन नगर पालिका प्रशासन व्यवस्था सुधारने के बजाय कथित भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं के आरोपों में घिरा हुआ है।
ऐसे हालात में “साथी हाथ बढ़ाना आपदा प्रबंधन समिति” ने मानवीय पहल करते हुए शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर गौमाता एवं अन्य पशुओं के लिए पानी की टंकियां रखवाकर जल सेवा अभियान शुरू किया है। समिति के इस कार्य की शहरभर में सराहना हो रही है।
समिति के संयोजक महेंद्र सिंह तोमर “चिंटू” ने बताया कि भीषण गर्मी में बेजुबान पशु प्यास से परेशान न हों, इसके लिए संस्था लगातार शहर के प्रमुख स्थानों पर पानी की व्यवस्था कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस अभियान को और बड़े स्तर पर चलाया जाएगा।
शहरवासियों का कहना है कि जो जिम्मेदारी नगर पालिका को निभानी चाहिए थी, वह अब सामाजिक संगठन निभा रहे हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका को जनता और गौवंश की समस्याओं से ज्यादा कथित भ्रष्टाचार और अंदरूनी व्यवस्थाओं की चिंता है।
समिति ने शहरवासियों से भी अपील की है कि गर्मी के मौसम में अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर पशु-पक्षियों के लिए पानी अवश्य रखें। संस्था के सदस्यों ने कहा कि बेजुबानों की सेवा ही सच्ची मानवता है।
सामाजिक संगठन की इस पहल ने एक बार फिर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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