विदिशा। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और जिले की यातायात व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी और अपर कलेक्टर श्री अनिल कुमार डामोर की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) और यातायात नियमों के प्रभावी पालन पर विस्तार से चर्चा की गई।
रोशनी की व्यवस्था और डार्क जोन पर विशेष जोर बैठक के दौरान अपर कलेक्टर श्री अनिल कुमार डामोर ने जिले में प्रकाश व्यवस्था को लेकर चल रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में कुल 40 हाईमास्ट लाइटें लगाई जानी हैं, जिनमें 'डार्क जोन' (अंधेरे वाले क्षेत्रों) को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन स्थानों पर प्रकाश की कमी है, वहां तत्काल प्रभाव से हाईमास्ट लाइटें स्थापित की जाएं। पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने निर्देश दिए कि शहर के उन स्थानों पर भी विशेष ध्यान दिया जाए जहां पहले से लाइटें लगी हुई हैं, लेकिन वे तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ी हैं। ऐसी सभी लाइटों को तत्काल दुरुस्त करने के लिए कहा गया है।
हेलमेट और जागरूकता अभियान की आवश्यकता सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण मानक 'हेलमेट' के उपयोग को लेकर अधिकारियों ने चिंता जताई। विशेष रूप से राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए न केवल प्रेरित किया जाएगा, बल्कि इसके प्रति एक व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। एसपी श्री काशवानी ने कहा कि हेलमेट का अनिवार्य उपयोग गंभीर दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों और सिर की चोटों को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है। प्रशासन अब इसे एक अभियान के रूप में चलाएगा ताकि नागरिकों में सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा हो सके।
संकेतक बोर्ड और सड़क किनारे दृश्यता में सुधार यातायात को सुगम बनाने के लिए सड़कों पर लगाए जाने वाले साइन बोर्डों (संकेतक बोर्ड) की स्थिति की भी गहन समीक्षा की गई। अपर कलेक्टर ने एमपीआरडीसी (MPRDC) और एनएचएआई (NHAI) के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी राजमार्गों पर संकेतक बोर्ड व्यवस्थित रूप से लगाए जाएं ताकि वाहन चालकों को दिशा और गति संबंधी जानकारी सही समय पर मिल सके। इसके अलावा, सड़क के किनारे उगी झाड़ियों और अनावश्यक पेड़-पौधों की नियमित कटाई-छंटाई के निर्देश दिए गए। यह कदम सड़कों पर दृश्यता (visibility) बढ़ाने और मोड़ पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
मानसून को देखते हुए विशेष निर्देश आगामी वर्षा ऋतु के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षात्मक कदम उठाने का निर्णय लिया है। बैठक में निम्नलिखित बिंदुओं पर सख्त निर्देश दिए गए:
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गड्ढों की मरम्मत: बरसात शुरू होने से पहले जिले की सभी प्रमुख सड़कों के गड्ढों को प्राथमिकता के आधार पर भरने के निर्देश दिए गए हैं।
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चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग: जिले में स्थित सभी जलमग्न होने वाली पुल-पुलियों की सूची तैयार की जाएगी। उन स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे और बैरिकेडिंग सुनिश्चित की जाएगी ताकि बारिश के दिनों में कोई भी अप्रिय घटना न हो।
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समन्वय: सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
निष्कर्ष विदिशा जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा के मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप बनाना है। सड़क सुरक्षा समिति की इस बैठक में लिए गए निर्णय न केवल यातायात को सुगम बनाएंगे, बल्कि संभावित खतरों को कम करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रशासन का मानना है कि सतर्कता और बेहतर बुनियादी ढांचा ही सड़क दुर्घटनाओं को कम करने का एकमात्र स्थायी समाधान है।
image source : https://vidisha.mpinfo.org
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