लवकुश विहार के आवंटियों में आक्रोश: विधायक को सौंपा ज्ञापन

मुंगावली: मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (MP Housing Board) की कार्यप्रणाली से स्थानीय उपभोक्ताओं और आवंटियों में भारी आक्रोश है। विभाग पहले ही अशोकनगर में संचालित अपना कार्यालय बंद कर चुका है, जिससे लोगों को गुना जाना पड़ता था। अब, विभाग गुना के विद्यार्थी नगर में संचालित अपने संभागीय कार्यालय को भी शिवपुरी स्थानांतरित करने की तैयारी में है।

इस जनविरोधी कदम के विरोध में बुधवार को भाजपा पदाधिकारियों, श्रमजीवी पत्रकार संघ और मुंगावली की 'लवकुश विहार योजना' के हितग्राहियों ने क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजेन्द्र सिंह यादव को ज्ञापन सौंपकर इस स्थानांतरण को तत्काल रुकवाने की मांग की।

अशोकनगर बंद होने के बाद अब गुना भी हाथ से गया तो बढ़ेगी दूरी

स्थानीय नागरिकों और आवंटियों ने बताया कि गृह निर्माण मंडल पहले ही अशोकनगर का कार्यालय बंद करके अन्याय कर चुका है। अशोकनगर जिला मुख्यालय के लोग जैसे-तैसे काम के लिए गुना तक का सफर तय कर रहे थे। लेकिन अब गुना कार्यालय को भी शिवपुरी ले जाने की योजना है, जिससे मुंगावली और अशोकनगर से शिवपुरी की दूरी अत्यधिक हो जाएगी। इस स्थिति में गरीब और मध्यम वर्गीय हितग्राहियों को छोटे से काम या एनओसी के लिए पूरा दिन और सैकड़ों रुपये खर्च कर शिवपुरी जाना पड़ेगा।

'लवकुश विहार' के EWS हितग्राहियों पर दोहरी मार

मुंगावली में संचालित 'लवकुश विहार योजना' के अंतर्गत सैकड़ों परिवारों को आवास आवंटित हुए हैं। इनमें से अधिकांश आवंटी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के हैं। इन आवंटियों को अपने आवास की रजिस्ट्री, नामांतरण, निर्माण अनुमति और एनओसी के लिए बार-बार शिवपुरी के दौरे करने पड़ेंगे, जो व्यावहारिक रूप से उनके लिए असंभव होगा।

इस संवेदनशील विषय पर मुंगावली क्षेत्र के नागरिकों की आवाज उठाते हुए भाजपा मंडल अध्यक्ष नागेंद्र परिहार, मंडल महामंत्री रामबाबू दुबे, श्रमजीवी पत्रकार संघ अध्यक्ष भानु प्रताप दांगी सहित लवकुश विहार के अनेक आवंटियों ने विधायक को ज्ञापन सौंपा।

विधायक की प्रतिक्रिया: मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि विभाग द्वारा पूर्व में अशोकनगर का कार्यालय बंद किए जाने से लोग पहले ही परेशान हैं। अब गुना कार्यालय को शिवपुरी शिफ्ट करना क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय होगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह इस विषय में विभागीय मंत्री और उच्च अधिकारियों से बात कर इसे गुना में ही यथावत रखने का पूरा प्रयास करेंगे।