इंदौर में भीख देना भी अपराध, पकड़े गए तो होगी कानूनी कार्रवाई*

*भिक्षावृत्ति पर प्रशासन की सख्ती, सही सूचना देने वाले को मिलेगा 1 हजार रुपए का नकद इनाम*

इंदौर। स्वच्छता के बाद अब शहर को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिले की राजस्व सीमा में भिक्षावृत्ति पर प्रतिबंध लगाया गया है। खास बात यह है कि अब केवल भीख मांगने वाले ही नहीं, बल्कि उन्हें भीख देने वाले लोगों पर भी कार्रवाई का प्रावधान है। प्रशासन के आदेश के अनुसार भिखारियों से सामान खरीदना भी प्रतिबंधित किया गया है।

भीख देते मिले तो दर्ज हो सकती है एफआईआर

प्रशासन के आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पूर्व में इंदौर में भीख देने वाले व्यक्ति के खिलाफ BNS की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज किए जाने का मामला सामने आ चुका है। इस धारा के तहत सार्वजनिक सेवक के आदेश की अवहेलना पर कार्रवाई का प्रावधान है।

सूचना देने पर मिलेगा 1000 रुपए का इनाम

प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अभियान में सहयोग करने की अपील की है। यदि किसी स्थान पर कोई व्यक्ति भीख मांगता हुआ दिखाई देता है, तो इसकी सूचना महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी दिनेश मिश्रा को दी जा सकती है। प्रशासन के मुताबिक सूचना सही पाए जाने पर सूचना देने वाले व्यक्ति को 1 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
अभियान का उद्देश्य इंदौर को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाना
प्रशासन का कहना है कि अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों, चौराहों और धार्मिक स्थलों पर होने वाली भिक्षावृत्ति को रोकना और जरूरतमंद लोगों के पुनर्वास की दिशा में काम करना है। इसके लिए विभिन्न विभागों की टीमें भी अभियान में जुटी हैं। प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे सड़क या सार्वजनिक स्थान पर भीख देने के बजाय संबंधित विभाग को सूचना दें।
वर्तमान में जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर 31 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी बताया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।