* मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR से जुड़े गंभीर सवालों की निष्पक्ष जांच की मांग
भिण्ड।
देश में लोकतंत्र और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए आज भिण्ड जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण एवं शहर) के नेतृत्व में एक विशाल और जबरदस्त लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। आंदोलन की शुरुआत गोल मार्केट स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा से हुई, जहाँ कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर मार्च की शुरुआत की। गगनभेदी नारों और भारी जनआक्रोश के साथ यह प्रदर्शन शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ परेड चौराहे तक पहुँचा।
पुलिसिया बल प्रयोग और वाटर कैनन भी नहीं रोक सकीं कदम
प्रदर्शन को दबाने के लिए परेड चौराहे पर पुलिस प्रशासन द्वारा भारी बल प्रयोग किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए प्रशासन ने वॉटर कैनन की तेज बौछारें छोड़ीं, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प और खींचतान भी देखने को मिली। लेकिन इस दमनकारी कार्रवाई के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के कदम नहीं रुके। पानी की तेज बौछारों के बीच भी कार्यकर्ता सड़कों पर डटे रहे और सरकार व निर्वाचन आयोग के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद रखी।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और SIR की जांच पर अड़े कांग्रेसी
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस पदाधिकारियों और नेताओं ने साफ किया कि वर्तमान में देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं पर संकट मंडरा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने दो टूक शब्दों में मांग रखी कि जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े गंभीर सवालों की निष्पक्ष व स्वतंत्र जांच नहीं कराई जाती, तब तक उनका यह आंदोलन थमने वाला नहीं है।
अधिकारों के लिए सड़कों पर जारी रहेगा संघर्ष
जिला कांग्रेस कमेटी ने इस दमनकारी नीति की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि जनता के मताधिकार और संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस का संघर्ष सड़कों पर लगातार जारी रहेगा। कार्यकर्ताओं के इस जज्बे ने यह साबित कर दिया है कि वे किसी भी पुलिसिया कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। इस प्रदर्शन में जिला कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई के पदाधिकारियों सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता और आम नागरिक मौजूद रहे।
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