बिरसिंहपुर पाली में 18 वर्षों से जारी है रावण दहन की परंपरा, जनसहयोग से हुआ सफल आयोजन

बिरसिंहपुर पाली के वार्ड क्रमांक-1 में स्थित सूखा गांव में विजयादशमी के अवसर पर रावण दहन का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। बिना सरकारी आर्थिक सहयोग के, ग्रामीणों ने आपसी योगदान और चंदा इकट्ठा कर इस सांस्कृतिक परंपरा को जीवित रखा।

  • वार्ड क्रमांक-1 के सूखा गांव में 18 वर्षों से रावण दहन का आयोजन हो रहा है।
  • खेर माता कमेटी और स्थानीय ग्रामवासियों के सामूहिक प्रयास से यह आयोजन संभव हुआ।
  • शासन-प्रशासन से आर्थिक सहायता न मिलने पर भी ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर परंपरा को आगे बढ़ाया।
  • मुख्य अतिथि के रूप में सुदामा विश्वकर्मा, बहादुर सिंह, और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
  • कार्यक्रम के दौरान सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समर्पण का प्रदर्शन किया गया। दशहरा कमेटी के अध्यक्ष घनश्याम विश्वकर्मा, कमलेश विश्वकर्मा, शिव प्रसाद उर्फ डोमारी विश्वकर्मा, अशोक विश्वकर्मा, मदन कुशवाहा, राकेश कुशवाहा, लखन विश्वकर्मा और सुग्रीव परोहा जी की व्यवस्था एवं सराहनीय कार्य।

यह आयोजन सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति समर्पण का प्रमाण है।

इस आयोजन ने यह साबित किया है कि जब इच्छाशक्ति और एकजुटता होती है, तो बिना सरकारी आर्थिक सहायता के भी धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को सफल बनाया जा सकता है। स्थानीय निवासियों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस आयोजन को और बेहतर मंच और सुविधाएं प्राप्त होंगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस परंपरा से जुड़ी रहें।

18 वर्षों से निरंतर चली आ रही यह पहल बिरसिंहपुर पाली क्षेत्र में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बनी हुई है।