शिविर में अद्भुत वैराग्य का उदय: युवा वकील अमन जैन ने लिया आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत

मुंगावली में आयोजित 33वें श्रावक संस्कार शिविर के दौरान एक अद्भुत घटना घटी जब युवा एडवोकेट अमन जैन ने संसार की मोह-माया को त्याग कर आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत धारण कर लिया। पूज्य गुरुदेव श्री सुधासागर जी महाराज के सान्निध्य में अमन ने यह निर्णय लिया, जिससे वहां उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।

  • अमन जैन, जो पेशे से एक एडवोकेट हैं, शिविर के 'विद्यासागर ग्रुप' में साधना कर रहे थे।
  • उन्होंने उत्तम शौच धर्म के दिन गुरुदेव के चरणों में श्रीफल अर्पित कर ब्रह्मचर्य व्रत लेने की इच्छा व्यक्त की।
  • गुरुदेव ने उनकी अंतरंग विरक्ति को परखते हुए उन्हें संघ में शामिल कर लिया।
  • इस अवसर पर मुनि श्री सुधासागर जी महाराज ने कहा कि यह पहला ऐसा शिविर है जहां किसी शिविरार्थी ने बीच सत्र में ही वैराग्य को अपनाने का निर्णय लिया।
  • दिन में मेंहदी रस्म और जिज्ञासा समाधान के दौरान अमन को संघ में विधिवत शामिल किया गया।
  • छोटे भाई आशीष ने बड़े भाई अमन को कंधों पर बिठाकर मोक्ष मार्ग की ओर ले जाने का दृश्य हर किसी को भावविभोर कर गया।

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नगर में इस घटना की खबर फैलते ही खुशी की लहर दौड़ गई और लोग अमन जैन के इस निर्णय की प्रशंसा करते दिखाई दिए। मुनि श्री सुख सागर जी और अन्य संतों की तरह अमन भी अब मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर हो चुके हैं।