आज़ाद की धरती पर विकास का महाऐलान: मुख्यमंत्री ने खोला 357 करोड़ की सौगात का पिटारा
श्रद्धांजलि के साथ विकास पर फोकस: शिक्षा, सिंचाई, पर्यटन और किसानों के लिए कई बड़े फैसले; भाबरा से पूरे प्रदेश को दिया संदेश।
प्रेम गुप्ता
आलीराजपुर। अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की 120वीं जयंती पर उनका जन्मस्थान भाबरा गुरुवार को इतिहास, सम्मान और विकास का प्रतीक बना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज़ाद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए 356.89 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का ऐलान किया। उन्होंने यह संदेश दिया कि शहीदों की धरती केवल गौरव की पहचान नहीं, बल्कि विकास की नई दिशा भी बनेगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 'आज़ाद प्रेरणा मशाल यात्रा' की शुरुआत की और कहा कि आज़ाद का जीवन आज भी युवाओं में राष्ट्रभक्ति और आत्मसम्मान की चेतना जगाता है।
मुख्यमंत्री के दौरे की 10 प्रमुख बातें:
- ₹356.89 करोड़ की विकास सौगात जिले को मिली।
- 97 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन और 76 परियोजनाओं का लोकार्पण।
- जनजातीय बालिकाओं के लिए शिक्षा परिसर में 800 नई सीटों की घोषणा।
- रानी काजल माता लोक को विकसित कर पर्यटन का नया केंद्र बनाने का ऐलान।
- बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को आधुनिक खेती अपनाने का संदेश और उत्कृष्ट किसानों का सम्मान।
- 10वीं-12वीं के मेधावी विद्यार्थियों को मंच से सम्मानित किया गया।
- विभिन्न विभागीय योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरित किया गया।
- सीप क्राफ्ट और जनजातीय व्यंजनों की प्रदर्शनी ने मुख्यमंत्री का ध्यान खींचा।
- आज़ाद कुटिया में श्रद्धांजलि देकर स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को नमन किया गया।
- कार्यक्रम में जनजातीय संस्कृति, विकास और राष्ट्रभक्ति की झलक एक साथ देखने को मिली।
मुख्यमंत्री ने कहा, "भाबरा केवल आज़ाद की जन्मभूमि नहीं, बल्कि देशभक्ति की प्रेरणास्थली है। यहां की मिट्टी ने भारत को ऐसा सपूत दिया, जिसने आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।"
मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा। करोड़ों रुपये की परियोजनाओं, शिक्षा और पर्यटन से जुड़ी घोषणाओं तथा किसानों और विद्यार्थियों के सम्मान ने इसे अलीराजपुर के हालिया वर्षों का सबसे महत्वपूर्ण सरकारी दौरा बना दिया।
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