*सीवियर एनीमिया एवं स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर होगी कार्रवाई: कलेक्टर*

*एएनसी जांच, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान एवं ई-केवायसी में प्रगति बढ़ाने के निर्देश*

*कम प्रगति वाले बीएमओ एवं बीपीएम को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश*

*सार्थक पोर्टल की उपस्थिति के आधार पर ही होगा वेतन भुगतान, लापरवाही पर वेतन कटौती की कार्रवाई*

*कार्य में लापरवाही पर एएनएम एवं सीएचओ को सेवा समाप्ति संबंधी नोटिस जारी करने के निर्देश*

*सीलोन में चिकित्सक की लगातार अनुपस्थिति पर निलंबन की कार्रवाई के निर्देश*

*लापरवाह आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के वेतन में होगी कटौती, सीडीपीयू को कारण बताओ नोटिस*

*कार्य में सुधार नहीं होने पर सुपरवाइजरों को हटाने की कार्रवाई के निर्देश*
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कलेक्टर मृणाल मीना की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक जिला पंचायत सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में सीएमएचओ डॉ. आर.पी. गुप्ता सहित बीएमओ, डॉक्टर्स, महिला एवं बाल विकास अधिकारी तथा सीडीपीयू उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने सीवियर एनीमिया की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। छतरपुर अर्वन (ईशानगर) में किए गए कार्य का ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए गए। एएनसी जांच में कम प्रगति एवं एंट्री में लापरवाही पाए जाने पर बड़ामलहरा, बिजावर एवं बक्सवाहा के बीएमओ और बीपीएम को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के सभी पैरामीटर पर कार्य संतोषजनक नहीं है, वहां की एएनएम एवं सीएचओ को सेवा समाप्ति संबंधी कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएं। ईशानगर में सबसे कम हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।

गर्भवती महिलाओं को प्रसव उपरांत मिलने वाली शासकीय योजनाओं के लाभ की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ई-केवायसी से एक भी महिला वंचित न रहे। सभी बीएमओ को शत-प्रतिशत ई-केवायसी कराने के निर्देश दिए गए। अलमोल एवं यूविन पोर्टल पर एंट्री की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए, जिससे पोर्टल पर सही एवं समयबद्ध जानकारी दर्ज हो सके।

*एनसीडी स्क्रीनिंग बढ़ाने के निर्देश*

एनसीडी स्क्रीनिंग में प्रगति बढ़ाने के लिए सीएचओ स्तर पर आवश्यक ड्यूटी लगाने तथा गढ़ीमलहरा अंतर्गत स्वास्थ्य केन्द्र पर पूरा स्टाफ उपस्थित रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि एनएचएम एवं विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों का वेतन सार्थक पोर्टल की उपस्थिति के आधार पर ही निकाला जाए। चेक-इन के बाद चेक-आउट दर्ज नहीं करने पर वेतन कटौती की कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने राजनगर बीएमओ को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सीलोन में पदस्थ डॉ. रेखा बाथम के लगातार अनुपस्थित रहने एवं कार्य में लापरवाही बरतने पर निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

*टीबी कार्यक्रम में पोर्टल एंट्री एवं एक्स-रे जांच बढ़ाने के निर्देश*

टीबी कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निःक्षय पोर्टल पर सही एवं पूर्ण जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए। शिविर लगाकर तथा मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के शिविरों में अधिक से अधिक लोगों की एक्स-रे जांच कराने के निर्देश दिए गए। टीबी मरीजों को प्रतिमाह मिलने वाली 1 हजार रुपये की सहायता एवं अन्य शासकीय सहायता योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए।

आरबीएसके अंतर्गत शिविर आयोजित कर बाहर के अस्पतालों की विशेषज्ञ टीम बुलाकर गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों का उपचार कराने के निर्देश दिए गए। साथ कार्य में लापरवाही करने पर आरबीएसके प्रभारी को हटाने के निर्देश दिए।

*आंगनवाड़ी एवं पोषण सेवाओं में सुधार के लिए सीडीपीयू को दिए सख्त निर्देश*

महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सीडीपीयू गौरिहार को निर्देश दिए कि कार्य में लापरवाही करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के विरुद्ध वेतन कटौती की कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम, सेम-मेम एवं पोषण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए महिला एवं बाल विकास अधिकारी को पोषण ट्रेकर की व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।

बक्सवाहा, गौरिहार एवं लवकुशनगर सीडीपीयू को कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। कार्य में लापरवाही करने वाले सुपरवाइजरों को हटाने की कार्रवाई के निर्देश भी दिए। बक्सवाहा सीडीपीयू का सभी पैरामीटर पर कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाने पर अंतिम चेतावनी देते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।

*एक सप्ताह में बंद कराएं 100 दिवस की लंबित शिकायतें*

सीडीपीयू द्वारा किए जाने वाले भ्रमण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि निर्धारित भ्रमण में कमी पाए जाने पर उसी के अनुरूप वेतन भुगतान किया जाए। साथ ही सीएम हेल्पलाइन की 100 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों को प्राथमिकता से संतुष्टि के आधार पर एक सप्ताह में बंद कराने के निर्देश दिए।