दशलक्षण पर्व में आर्यिका पूर्ण मति माता जी के जीवन पर नाटक का प्रभावशाली मंचन

मुंगावली में दशलक्षण पर्व के अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों की श्रंखला में शुक्रवार की रात्रि को संत निवास पर आर्यिका पूर्ण मति माता जी के जीवन पर आधारित 'गुरु गौरव गाथा' नाटक का भव्‍य मंचन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन चंद्र प्रभु पाठशाला परिवार द्वारा किया गया। छोटे बच्चों के द्वारा जैन भजनों के साथ कार्यक्रम का मंगलाचरण किया गया और फिर नाटक की विधिवत शुरुआत हुई।

  • नाटक में आर्यिका पूर्ण मति माता जी के जीवन की प्रेरणादायक गाथा को प्रस्तुत किया गया।
  • मंचन में दर्शाया गया कि कैसे मात्र 6 वर्ष की आयु में उन्होंने मोक्ष मार्ग की ओर कदम बढ़ाए।
  • आर्यिका मां ने आचार्य श्री विद्यासागर महाराज से दीक्षा लेकर मोक्ष मार्ग को प्रशस्त किया।
  • कार्यक्रम में प्रतिभास्थली की मैथिली जैन ने आर्यिका पूर्ण मति माता की भूमिका निभाई।
  • दर्श जैन ने आचार्य वीर सागर और पार्थ जैन ने आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की भूमिका निभाई।
  • पाठशाला के अन्य बच्चों ने भी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।
  • कार्यक्रम के सफल आयोजन में नित्या मोदी और सौम्या जैन का विशेष योगदान रहा।
  • पाठशाला की शिक्षिकाओं ने भी इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

महत्वपूर्ण निर्देश: कार्यक्रम का आयोजन धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए किया गया, जिसमें सभी धार्मिक और सामाजिक मानकों का पालन किया गया।

इस नाटक ने श्रद्धालुओं के दिलों को छू लिया और उनकी आंखें नम कर दीं। देर रात तक श्रद्धालुओं ने इस कार्यक्रम का आनंद लिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण था, बल्कि बच्चों के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव भी रहा।