सांदीपनि विद्यालय देवरी में राजनीतिक फ्लेक्स का मामला कलेक्टर तक पहुंचा, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई!
पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने शिक्षण संस्थानों में राजनीतिक गतिविधियों पर जताया विरोध, महीनों से लगे फ्लेक्स नहीं हटने पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
देवरी/सागर। सागर जिले के देवरी स्थित शासकीय सांदीपनि विद्यालय में महीनों से लगे राजनीतिक नेताओं और जनप्रतिनिधियों के फ्लेक्स का मामला अब जिला मुख्यालय तक पहुंच गया है। शासकीय शिक्षण संस्थान में राजनीतिक प्रचार-प्रसार को लेकर आपत्ति जताए जाने के बावजूद विद्यालय परिसर से फ्लेक्स नहीं हटाए जाने पर प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, विद्यालय में तिरंगा यात्रा एवं सेवा संकल्प यात्रा सहित विभिन्न कार्यक्रमों के बाद भी नेताओं और जनप्रतिनिधियों के प्रचार संबंधी फ्लेक्स लंबे समय से लगे हुए हैं। इस मामले को लेकर बच्चों के अभिभावकों ने भी आपत्ति जताई थी। उनका कहना है कि शासकीय शिक्षण संस्थान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है, न कि राजनीतिक प्रचार-प्रसार का माध्यम बनाना।
मामले को देवरी एसडीएम से लेकर सागर कलेक्टर तक पहुंचाए जाने की बात सामने आई है। वहीं, देवरी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक हर्ष यादव ने भी शिक्षण संस्थानों में राजनीतिक गतिविधियों और शैक्षणिक परिसरों में राजनीतिक कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर विरोध जताते हुए इस विषय को उठाया है।
शिकायत के बाद भी फ्लेक्स नहीं हटे, कार्रवाई पर सवाल
मामला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद भी यदि विद्यालय से राजनीतिक फ्लेक्स नहीं हटाए गए हैं, तो यह स्थिति कई सवाल खड़े करती है। आखिर शासकीय शिक्षण संस्थानों को राजनीतिक प्रचार से मुक्त रखने की जिम्मेदारी किसकी है? शिकायत सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की और अब तक फ्लेक्स क्यों नहीं हटाए गए?
अभिभावकों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों के बीच यह सवाल भी चर्चा का विषय है कि क्या शासकीय विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई और शैक्षणिक वातावरण को प्राथमिकता दी जा रही है या राजनीतिक प्रचार को अधिक महत्व मिल रहा है।
बच्चों के भविष्य से जुड़ा है मामला
शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को निष्पक्ष, अनुशासित और शिक्षा के अनुकूल वातावरण मिलना आवश्यक है। ऐसे में विद्यालय परिसर में लंबे समय तक राजनीतिक प्रचार सामग्री लगे रहना संस्था की शैक्षणिक गरिमा को लेकर सवाल खड़े करता है। हालांकि, केवल फ्लेक्स लगे होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की पुष्टि नहीं होती, लेकिन शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक प्रचार की सीमा और नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
अब प्रशासन के कदम का इंतजार
देवरी एसडीएम और सागर कलेक्टर तक मामला पहुंचने के बाद भी फ्लेक्स नहीं हटाए जाने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और शासकीय सांदीपनि विद्यालय परिसर से राजनीतिक प्रचार सामग्री हटाने को लेकर कोई निर्देश जारी किए जाते हैं या नहीं।
बड़ा सवाल: जब शासकीय विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण के केंद्र हैं, तो वहां महीनों तक राजनीतिक फ्लेक्स लगे रहने पर जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई क्यों नहीं कर पाए? इस मामले में प्रशासन का पक्ष और आगे की कार्रवाई स्पष्ट होना जरूरी है।
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