नशे के खिलाफ समाजसेवियों ने छेड़ी जंग, 11 सदस्यीय टीम संभालेगी मोर्चा

 नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस और प्रशासन तो कार्रवाई कर ही रहे हैं, लेकिन अब हरदा में समाजसेवियों ने भी नशे के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और नशे की लत में फंसे लोगों को नई जिंदगी देने के लिए 11 सदस्यीय टीम बनाई गई है। यह टीम मोहल्लों से लेकर पार्कों, स्कूलों और कॉलेजों तक पहुंचेगी और बच्चों व युवाओं को नशे के खतरों के प्रति जागरूक करेगी। अभियान का मकसद साफ है— नशे से बचाना भी है और नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों को बाहर निकालना भी।

 हरदा में बढ़ते नशे के खतरे को देखते हुए समाजसेवियों ने अब खुद मोर्चा संभाल लिया है। 11 सदस्यीय टीम बनाकर सिंथेटिक और प्राकृतिक नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाने की तैयारी की गई है। अभियान के तहत सबसे पहले उन बच्चों और युवाओं को जागरूक किया जाएगा, जो अभी नशे से दूर हैं। वहीं, नशे की शुरुआती गिरफ्त में आए युवाओं को इससे बचाने और नशे के आदी हो चुके लोगों को नशामुक्ति केंद्रों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

 नशामुक्ति अभियान के अध्यक्ष और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष सुरेंद्र जैन का कहना है कि आज सिंथेटिक नशे की चपेट में केवल युवा ही नहीं, बल्कि बच्चे भी आ रहे हैं। नशे की लत उनकी सेहत, भविष्य और पारिवारिक जीवन को बर्बाद कर रही है। महंगे नशे की लत के चलते कई परिवार आर्थिक संकट में फंस जाते हैं। ऐसे में जरूरत सिर्फ नशे के खिलाफ कार्रवाई की नहीं, बल्कि नशे की गिरफ्त में आए लोगों को सहारा देने और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने की भी है। इसी उद्देश्य से अभियान के तहत जरूरतमंद पीड़ितों के परिवारों की आर्थिक मदद करने का प्रयास भी किया जाएगा।

सुरेंद्र जैन अध्यक्ष, नशामुक्ति अभियान, हरदा ने नशे के खिलाफ पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि केवल सरकारी कार्रवाई के भरोसे समाज को नशामुक्त नहीं बनाया जा सकता। इसके लिए आम लोगों को भी आगे आना होगा। अभियान के तहत एक हेल्पलाइन नंबर 9111224567 जारी किया है, जिसके जरिए मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी की सूचनाएं जुटाई जाएंगी। एमडी पाउडर सहित अन्य नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई कराने के साथ ही तस्करी पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही, नशे के कारोबारियों को संरक्षण देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की जाएगी।

हरदा के समाजसेवियों की यह पहल अब कितनी प्रभावी साबित होती है, यह आने वाला वक्त बताएगा। लेकिन इस अभियान ने एक अहम संदेश जरूर दिया है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। जरूरत है बच्चों और युवाओं को नशे से बचाने की, पीड़ितों को सहारा देने की और नशे के कारोबार के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने की।