युवाओं की मस्ती, कुर्राटी और शरारतों से गुलजार रहा दशहरा मेला, कारोबार रहा सामान्य
आदिवासी परंपराओं की झलक के बीच जुटे ग्रामीण, इस बार मेले में भीड़ रही अपेक्षाकृत कम
कट्ठीवाड़ा। प्रेम गुप्ता
अंचल का परंपरागत दशहरा मेला (हाट) बुधवार को मस्ती, शरारतों और आदिवासी परंपरागत कुर्राटी के बीच संपन्न हुआ। हर साल आयोजित होने वाले इस मेले में आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। इस बार मेले में स्कूली बच्चों और युवाओं की खास मौजूदगी रही, जिन्होंने अपनी मस्ती और शरारतों से मेले में रौनक बनाए रखी।
मेले में युवाओं की टोलियां कुर्राटी करते हुए घूमती नजर आईं। वहीं, खिलौने, छोटी खिलौना बंदूकें और आतिशबाजी बच्चों के आकर्षण का केंद्र रहे। नमकीन, फल और आइसक्रीम की दुकानों पर भी लोगों की आवाजाही बनी रही। हालांकि, परंपरागत ढोल और बांसुरी लेकर पहुंचे ग्रामीणों के केवल तीन दल ही नजर आए, जो मेले में लोक संस्कृति की झलक दिखाते रहे।
ग्रामीणों की कम मौजूदगी, कारोबार सामान्य
मेले में इस बार ग्रामीणों का उत्साह और उपस्थिति अपेक्षाकृत कम दिखाई दी। व्यापारियों ने भी कारोबार सामान्य रहने की बात कही। बारिश की कमी और रोजगार के लिए ग्रामीणों के गुजरात पलायन को मेले में कम भीड़ की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
युवाओं की मस्ती और पारंपरिक कुर्राटी ने मेले को जीवंत बनाए रखा, लेकिन ग्रामीणों की कम मौजूदगी और सामान्य कारोबार ने इस बार मेले की रौनक कुछ फीकी रहने के संकेत दिए।
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